Auto Pay Risks: अगर आप भी लोन की EMI, अलग-अलग तरह के बिल, इंश्योरेंस प्रीमियम या फिर दूसरी चीजों के लिए ऑटो पे फीचर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. ऑटो-पे या स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन व्यवस्था में तय तारीख पर बैंक खाते से अपने आप पैसा कट जाता है और बिल समय पर जमा हो जाते हैं.
हालांकि, अगर आप इस सुविधा को बिना निगरानी के इस्तेमाल करते हैं, तो यह आर्थिक नुकसान का कारण भी बन सकती है. इसलिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
बिना पढ़े ऑटो पे सेट करना पड़ सकता है भारी
अक्सर हम जल्दी में किसी भी बिल या सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटो पे सेट करते वक्त उसकी शर्तें पर ध्यान नहीं देते हैं. इसके बाद यही गलती बाद में महंगी पड़ जाती है. आपको पहले ही समझ लेना चाहिए कि आपके खाते से कितनी रकम कटेगी और कितनी बार कटेगी.
खासकर बिजली बिल या क्रेडिट कार्ड जैसे बिलों में. जहां हर महीने पैसा अलग-अलग होता है. वहां थोड़ा ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है. अगर आप शुरुआत में थोड़ा समय निकालकर सारी नियम व शर्तों को पढ़ लेते हैं तो, आप आगे आने वाली परेशानी से बच सकते हैं.
भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का ही करें इस्तेमाल
नई टेक्नोलॉजी और डिजिटल दुनिया में कई ऐप्स और वेबसाइट्स यह दावा करती हैं कि वे आपके सभी बिल एक ही जगह से आसानी से भर देंगी. लेकिन हर प्लेटफॉर्म पर भरोसा करना अपनी कमाई को गंवाने के अवसर को न्योता देने जैसा है.
हमेशा सिर्फ भरोसेमंद और ऑफिशियल प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करना चाहिए. ऑटो पे सेट करने के लिए बैंक के ऑफिशियल ऐप, नेट बैंकिंग या संबंधित कंपनी की वेबसाइट का चुनाव करना आपके लिए एक भरोसेमंद कदम होगा.
ऑटो पे के बाद भी खाते पर नजर रखना जरूरी
ऑटो पे चालू करने के बाद यह भूल जाना ठीक नहीं है कि आपके खाते से कितना पैसा कट रहा है. कभी-कभी तकनीकी गलती या फ्रॉड की वजह से छोटी-छोटी रकम भी कट सकती है, जो तुरंत ध्यान में नहीं आती.
इसलिए समय-समय पर बैंक स्टेटमेंट चेक करते रहना चाहिए. अगर कोई अनजान ट्रांजैक्शन दिखे, तो तुरंत बैंक को इसके बारे में बताएं. हाथों-हाथ उस पेमेंट को बंद कराएं. क्योंकि थोड़ी सी देरी भी आपकी पूरी जमा पूंजी को साफ कर सकती है.
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