नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड कंपनियों के ऐसेट मैनेजमेंट सिस्टम (AMU) में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है. म्यूचुअल फंड के परिसंपत्ति आधार (AMU) ने अगस्त के अंत में 25 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड को छुआ है. म्यूचुअल फंड में तेजी से लोगों का निवेश बढ़ा है, जिससे इसने पिछले महीने की तुलना में 8.41 प्रतिशत की वृद्धि की है.
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अनुसार ये जुलाई के आखिर तक 23.06 लाख करोड़ रुपये थी. पिछले साल अगस्त में सभी फंड हाउस का म्यूचुअल बेस 20.6 लाख करोड़ रुपये था. पिछले महीने अगस्त में म्यूचुअल फंड योजनाओं में 1.75 लाख करोड़ रुपये के फ्लो की बढ़ोतरी आने की वजह से ऐसेट बेस में बढ़ोतरी आई है.
एम्फी के मुख्य कार्यकारी एन एस वेंकटेश ने कहा कि मुख्य रूप से इंडस्ट्री में इंंवेस्टर अवेयरनेस अभियान और रिटेल इंवेस्टर्स की मजबूत भागीदारी के कारण ऐसेट बेस में मासिक बढ़त देखी गई है. उन्होंने कहा कि रुपये की लागत के औसत और बाजार में अस्थिरता और बाजार के समय के बारे में चिंता किए बिना एक अनुशासित तरीके से निवेश करने में एसआईपी मदद करता है.
2014 में पहली बार छूआ था 10 लाख करोड़ का आंकड़ा
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के AMU ने मई 2014 में पहली बार 10 लाख करोड़ रुपये के मील के पत्थर को पार कर लिया था और लगभग तीन साल में ऐसेट बेस में दो गुना से ज्यादा का इजाफा हुआ था. ये अगस्त 2017 में 20 लाख करोड़ रुपये के पार हो गया था. इसके पीछे की वजह 1.75 लाख करोड़ रुपये के इंफ्लो को बढ़ावा देना है.
इसमें मनी मार्केट सेगमेंट के 1.71 लाख करोड़ रुपये शामिल थे, जो कि ट्रेजरी बिल, जमा प्रमाणपत्र और कमर्शियल पेपर जैसे कैश ऐसेट्स में निवेश करते थे. इन सब वजहों से म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने 25 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड को छुआ है.
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