अधिकांश लोगों का मानना है कि वित्त वर्ष 2022-23 के आम बजट में आयकर छूट की सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाया जा सकता है. केपीएमजी इंडिया के एक सर्वे में यह राय उभरकर सामने आई है. बजट से पहले केपीएमजी द्वारा किये गए सर्वेक्षण में 36 प्रतिशत लोगों का मानना है कि 80सी कटौती के तहत कटौती की सीमा को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाया जा सकता है. वहीं 19 प्रतिशत का कहना था कि वेतनभोगियों के लिए मानक कटौती की सीमा को मौजूदा के 50,000 रुपये से बढ़ाया जा सकता है.
वर्क फ्रॉम होम पर ध्यान देगी सरकारसर्वे के अनुसार, 16 प्रतिशत उत्तरदाताओं को उम्मीद है कि बजट में वेतनभोगियों के लिए घर से काम करने की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कर-मुक्त भत्ता/अन्य लाभ दिया जा सकता है. इसमें इंटरनेट कनेक्शन, फर्नीचर और ईयरफोन के लिए प्रावधान किया जा सकता है.
केपीएमजी ने बजट-पूर्व यह सर्वे जनवरी, 2022 में किया है. इसमें वित्तीय क्षेत्र से जुड़े लगभग 200 पेशेवरों के विचार लिए गए हैं. सर्वेक्षण में 64 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मूल आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये सालाना से बढ़ाई जाएगी.
एक फरवरी 2022 को पेश होगा बजटआपको बता दें एक फऱवरी 2022 को मोदी सरकार अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करने जा रही है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी इसके साथ अपना चौथा बजट पेश करेंगी और ऐसा करने वालीं वे देश की पहली महिला होने जा रही हैं. 31 जनवरी को संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है और उसी दिन आर्थिक सर्वे भी संसद के पटल पर पेश किया जाएगा.
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