अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका में स्टील और एल्युमिनियम के एक्सपोर्ट पर 25 फीसदी टैरिफ का एलान करते ही भारतीय शेयर बाजार के मेटल स्टॉक्स में हाहाकार मच गया. एक-एक कर बड़ी मेटल कंपनियां धराशायी होने लगीं. वेदांत और सेल के शेयर 4.5 फीसदी तक गिर गए. ये सोमवार को सबसे बड़ी लूजर कंपनियों में शुमार हो गए.

टाटा स्टील, नालको, जेएसडब्लू स्टील और हिंडालको के शेयर भी 1.5 से लेकर 3.3 फीसदी तक गिरे. टाटा स्टील और जेएसडब्लू स्टील का तो निफ्टी 50 स्टॉक्स में सबसे खराब परफॉर्मेंस रहा. निफ्टी मेटल इंडेक्स सोमवार को तीन फीसदी तक गिरा. 2025 की यह चौथी सबसे बड़ी गिरावट रही. इससे पहले 6 जनवरी, 13 जनवरी और 27 जनवरी को यह तीन फीसदी तक मेटल इंडेक्स गिरा था. 

भारत से यूएस बहुत कम होता है मेटल एक्सपोर्ट

अगर भारतीय शेयर बाजारों में मेटल कंपनियों के शेयर ट्रंप के टैरिफ लगाने की धमकी के कारण धड़ाम हुए हैं, तो यह समझ से परे है. क्योंकि, भारत से अमेरिका में स्टील या एल्युमिनियम का बहुत कम एक्सपोर्ट होता है. टैरिफ लगने के बाद भी इंडियन मेटल कंपनियों को कम चैलेंज होंगे. यहां तक कि कुल कमाई में भी प्रॉफिट मार्जिन घटने का हिस्सा बहुत थोड़ा होगा.

हो सकता है कि मेटल कंपनियों के व्यापक हित पर असर को देखते हुए इन्वेस्टर के सेंटीमेंट इससे प्रभावित हुए हों. हालांकि, इस साल पहले भी तीन बार मेटल स्टॉक्स में गिरावट देखने को मिल चुकी है. इसलिए स्टील कंपनियों के शेयर टूटने को केवल ट्रंप के बयान से जोड़कर नहीं देखा जा सकता है.

निवेशकों को है डर, कहीं कम न हो जाए मेटल कंपनियों का वैल्यूएशन

निवेशकों के मन में कहीं न कहीं डर बैठ गया है कि आने वाले दिनों में स्टील और एल्युमीनियम कंपनियों के वैल्यूएशन कम हो सकते हैं. जानकारों का मानना है कि अमेरिका में एक्सपोर्ट बंद होने या टैरिफ लगने पर वहां इसके दाम बढ़ जाएंगे. इस कारण ग्लोबल मार्केट में अमेरिका को छोड़कर बाकी सारे मार्केट में सप्लाई बढ़ता हुआ नजर आएगा. अगर सप्लाई बढ़ेगा तो इसका प्रभाव इनकी कीमतों पर भी दिखेगा. ऐसे में कंपनियों का वैल्यूएशन भी कम हो सकता है.

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