Low Airfare Rates: क्या आपने कभी मुंबई से अहमदाबाद के लिए महज 1,400 रुपये या मुंबई और बेंगलुरु के बीच करीब 2,000 रुपये या उससे भी कम में उड़ान भरने के बारे में सोचा है? यह अब मुमकिन हो गया है क्योंकि एविएशन सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने उड़ान भरने वालों को आकर्षित करने के लिए एयरलाइनों के बीच प्राइस वॉर को जन्म दिया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा 31 अगस्त से हवाई किराए की सीमा को हटाने के बाद भारतीय एयरलाइनों के बीच प्राइस वॉर की आशंका थी.
मुंबई-अहमदाबाद टिकट 1399 रुपये-1600 रुपये के बीचहवाई किराए पर एक नजदीकी नजर से पता चला है कि मुंबई से अहमदाबाद के टिकट की कीमत गो फर्स्ट पर 1399 रुपये और नई अकासा एयर पर 9 सितंबर को यात्रा के लिए 1,497 रुपये है. सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो उसी मार्ग पर टिकट की 1609 रुपये में पेशकश कर रही है.
जानें और किन रूट्स पर सस्ते मिल रहे हैं टिकिट्सऐसा ही हाल मुंबई-बेंगलुरु रूट पर भी है, जिसमें 2,000 रुपये से 2,200 रुपये तक के टिकट उपलब्ध हैं. अकासा एयर जहां 9 सितंबर को यात्रा के लिए 1997 रुपये में टिकट दे रही है, वहीं इंडिगो पर 2,208 रुपये में टिकट उपलब्ध है.
क्या कहते हैं जानकारएविएशन इंडस्ट्री के जानकारों ने कहा कि एयरलाइनों के बीच ऊंची प्रतियोगिता से उड़ान भरने वालों के लिए फायदा हो सकता है और कई एयरलाइंस मांग के अनुसार छूट की पेशकश कर सकती हैं. दिलचस्प बात यह है कि कीमतों में ज्यादातर उन मार्गों पर गिरावट आई है, जिन पर हाल ही में लॉन्च हुई अकासा एयर ने अपना परिचालन शुरू किया है.एक एक्सपर्ट ने कहा कि उड्डयन मंत्रालय के इस कदम से एयरलाइंस को हवाई किराए तय करने में फ्लेक्सीबिलिटी मिली है क्योंकि वे अब अपनी नीतियों के अनुसार चार्ज ले सकते हैं.
अकासा एयर की एंट्री ने भी बढ़ाया कॉम्पटीशनअकासा एयर के प्रवेश ने एविएशन सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है. उड़ान भरने वालों को आकर्षित करने के लिए, कुछ एयरलाइनों ने पहले ही कम दरों पर टिकट देना शुरू कर दिया है. इससे पहले, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा था कि हवाई यात्रा के लिए यात्री की मांग, हवाई किराए के संबंध में समय-समय पर नोटिफाइड किराया बैंड को 31 अगस्त से प्रभावी रूप से हटाने का फैसला लिया गया है.
एविएशन मिनिस्ट्री ने लगाई थी लोअर और अपर लिमिटमंत्रालय ने कोविड -19 के प्रसार को रोकने के लिए शुरूआती दो महीने के राष्ट्रव्यापी तालाबंदी के बाद मई, 2020 में सेवाओं को फिर से शुरू करने के बाद हवाई किराए पर लोअर और अपर लिमिट लगा दी थी. इसके बाद देश में हवाई यातायात में सुधार के अनुसार चरणबद्ध तरीके से सीमाओं में ढील दी गई.
ये भी पढ़ें
ED का एक्शनः Paytm, रेजरपे और कैशफ्री के इन दफ्तरों पर पड़े छापे, जानिए क्या है पूरा मामला
