Tax On Content Creation: सोशल मीडिया आज सिर्फ इंटरटेनमेंट का जरिया नहीं रह गया है. इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स और दूसरे प्लेटफॉर्म पर वीडियो या रिल्स बनाकर बहुत से लोग हर महीने कमाई कर रहे हैं. किसी को कंपनी से एड मिलते हैं तो कोई ब्रांड के साथ काम करता है. कई लोगों की कमाई सीधे प्लेटफॉर्म से होती है, जबकि कुछ लोग खरीदारी पर मिलने वाले कमीशन से कमाते हैं. लेकिन ये कमाई सिर्फ बैंक खाते में आने वाला पैसा नहीं है, इस पर इनकम टैक्स भी लगता है. खास बात ये है कि 31 अगस्त 2026 की डेडलाइन ऐसे क्रिएटर्स के लिए जरूरी है, जिनकी कमाई सोशल मीडिया से होती है.  

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कमाई पर लगता है टैक्स?

अगर कोई रोज पर कंटेंट बनाकर कमाई करता है तो उसकी इनकम को आम तौर पर कारोबार से होने वाली इनकम माना जाता है. इसमें यूट्यूब से मिलने वाला एड का पैसा, इंस्टाग्राम के एड, कंपनियों से मिलने वाला पैसा, खरीदारी पर मिलने वाला कमीशन भी कमाई शामिल हो सकती है. यानी अगर किसी क्रिएटर की सोशल मीडिया से लगातार कमाई हो रही है तो उसे इसे अपनी इनकम टैक्स फॉर्म में सही तरीके से दिखाना होगा. 

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31 अगस्त क्यों है खास?

वित्त वर्ष 2025-26 की इनकम के लिए जिन क्रिएटर्स की इनकम होती है उनके लिए इनकम टैक्स फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है. इनकम टैक्स विभाग ने भी इस तारीख को लेकर लोगों को याद दिलाया है. वैसे हर क्रिएटर के लिए यही तारीख जरूरी नहीं है. अगर किसी व्यक्ति के खाते में टैक्स की जांच जरूरी है तो उसके लिए डिटेल जमा करने की लास्ट डेट 31 अक्टूबर 2026 ही है. 

तारीख निकल गई तो क्या होगा?

अगर आपकी डिटेल जमा करने की डेट 31 अगस्त है और आपने समय पर फॉर्म नहीं भरा तो बाद में भी फॉर्म जमा किया जा सकता है. लेकिन देर से फॉर्म भरने पर 5,000 रुपये तक की लेट फीस और बकाया टैक्स पर लागू ब्याज देना पड़ सकता है. इसलिए सोशल मीडिया से कमाई करने वाले लोगों को अपनी सालभर की पूरी कमाई, ब्रांड से मिले भुगतान, कमीशन और दूसरे लाभ का हिसाब जुटाकर समय पर फॉर्म जमा कर देनी चाहिए.

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