RBI Shocking Report: भारतीय रिजर्व बैंक यानी (आरबीआई) ने हाल ही में उदारीकृत धन प्रेषण योजना (एलआरएस) के रिपोर्ट के अनुसार बेहद ही चौंकाने वाला खुलासा किया है. आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय नागरिक हर साल विदेशों में अरबों रुपये खर्च कर रहे हैं. तो वहीं, इस साल मार्च के महीने में भारतीयों ने विदेश यात्रा पर कुल 1.09 अरब डॉलर (लगभग 10 हजार 404 करोड़ रुपये) खर्च कर हर किसी को पूरी तरह से हैरान कर दिया है. लेकिन, यह खर्च पिछले महीनों की तुलना में इस बार थोड़ा कम दर्ज किया जा चुका है. 

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अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में था योगदान

दरअसल, मार्च के महीने में एलआरएस योजना के तहत भारतीयों द्वारा विदेशों में भेजा गया कुल पैसा 2.59 अरब डॉलर रहा, जिसमें सबसे बड़ा योगदान अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर ही अब तक देखने को मिल रहा है. इस योजना के तहत कोई भी निवासी भारतीय एक वित्त वर्ष में 2.50 लाख डॉलर तक की राशि बिना किसी परेशानी के आसानी से विदेश में भेज सकता है. 

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यात्रा के अलावा अन्य चीजों में खर्चा

यात्रा के अलावा अन्य चीजों के खर्च में, छुट्टियां मनाना और अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड के खर्च को इस बार शामिल किया गया है. तो वहीं, मार्च के महीने में अब तक भारतीयों द्वारा 62.30 करोड़ डॉलर खर्च किए जा चुके हैं. जहां, यह राशि कुल यात्रा व्यय का लगभग 57 प्रतिशत है. 

शिक्षा, व्यापार और इलाज पर कितना है खर्च?

इसके अलावा, शिक्षा से जुड़ी यात्राओं, जैसे ट्यूशन फीस और हॉस्टल के खर्च पर भारतीयों ने 45.01 करोड़ डॉलर खर्च किए हैं. जहां, व्यापारिक यात्राओं, तीर्थयात्रा और मेडिकल ट्रीटमेंट पर कुल 2.13 करोड़ डॉलर का खर्च किया जा चुका है. 

परिजनों को सहायता और संपत्ति की खरीद

हांलाकि, विदेशों में रह रहे रिश्तेदारों या फिर परिजनों को मार्च में 38.97 करोड़ डॉलर भेजे गए थे, जो फरवरी के 26.61 करोड़ डॉलर से काफी ज्यादा है,  इसके अलावा, विदेश में पढ़ाई पर खर्च घटकर 15.17 करोड़ डॉलर और विदेशों में रियल एस्टेट खरीदने पर खर्च घटकर 3.86 करोड़ डॉलर रह गया है. 

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