Rupee vs Dollar: आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक शुरू होने से पहले बुधवार को भारतीय रुपया अपनी हालिया मजबूती बरकरार नहीं रख सका और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे टूटकर 90.43 के स्तर पर आ गया. एक दिन पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सहमति की खबर के बाद रुपये में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था और शुरुआती कारोबार में यह करीब 117 पैसे तक मजबूत हो गया था. हालांकि यह तेजी टिकाऊ साबित नहीं हुई और अगले ही दिन बाजार में सतर्कता हावी नजर आई.

डील के बावजूद क्यों गिरावट?

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक माहौल जरूर बना है, लेकिन अब भी निवेशक और कारोबारी सावधानी बरत रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि अभी तक इस समझौते का कोई हस्ताक्षरित या आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आया है. न तो इसका पूरा ढांचागत मसौदा सार्वजनिक किया गया है और न ही अंतिम शर्तों की पुष्टि हुई है. इसी अनिश्चितता के कारण रुपये पर दबाव बना. इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 90.35 पर खुला, लेकिन बाद में कमजोरी के साथ 90.54 प्रति डॉलर तक फिसल गया, जो पिछले बंद स्तर के मुकाबले 22 पैसे की गिरावट को दर्शाता है.

गौरतलब है कि मंगलवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सहमति बनने के बाद रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 117 पैसे या 1.28 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़त दर्ज की थी और 90.32 पर बंद हुआ था. इस दौरान रुपया एशियाई मुद्राओं में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बनकर उभरा था. लेकिन जैसे ही बाजार को यह अहसास हुआ कि डील के औपचारिक और कानूनी पहलू अभी बाकी हैं, मुनाफावसूली और सतर्कता के चलते रुपये की रफ्तार थम गई.

शेयर बाजार में पॉजिटिव रुझान

दूसरी ओर, वैश्विक मोर्चे पर डॉलर में ज्यादा मजबूती नहीं दिखी. छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स मामूली 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 97.41 पर रहा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई और ब्रेंट क्रूड 0.65 प्रतिशत चढ़कर 67.77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

घरेलू शेयर बाजारों में हालांकि सकारात्मक रुझान बना रहा. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 68.49 अंक की बढ़त के साथ 83,816.96 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 51.90 अंक चढ़कर 25,779.45 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों का भरोसा भी बना हुआ है. एफआईआई मंगलवार को शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने करीब 5,236.28 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार को समर्थन मिला.

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