Rupee vs Dollar: अमेरिकी सेंट्रल बैंक यूएस फेडरल रिजर्व की बैठक के बीच बुधवार को भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा. सकारात्मक घरेलू शेयर बाजारों से मिल रहा समर्थन महीने के अंत में डॉलर की बढ़ती मांग के कारण बेअसर रहा.

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विदेशी मुद्रा कारोबारियों (Forex Traders) के अनुसार, भारतीय करेंसी मुख्य रूप से भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से प्रभावित है. उन्होंने बताया कि इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी रुपये को 87.50 से 88.50 के दायरे में बनाए रखने के लिए खरीद और बिक्री दोनों पक्षों में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रहा है.

रुपये में हल्की मजबूती

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Interbank Foreign Exchange Market) में रुपया 88.21 प्रति डॉलर पर खुला. इसके बाद यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.34 के निचले स्तर और 88.18 के उच्च स्तर तक गया, जो पिछले बंद भाव से 11 पैसे की मजबूती को दिखाता है. 

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एक दिन पहले, यानी मंगलवार को रुपया 88.29 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.14 प्रतिशत बढ़कर 98.81 पर पहुंच गया.

शेयर बाजार में तेजी

घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को मजबूती का रुख देखा गया. बीएसई पर 30 अंकों वाला सेंसेक्स 287.94 अंक चढ़कर 84,916.10 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी-50 86.65 अंक बढ़कर 26,022.85 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.08 प्रतिशत गिरकर 64.35 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) मंगलवार को शुद्ध रूप से 10,339.80 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी करते नजर आए.

गौरतलब है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक (यूएस फेड) की नीतिगत दरों पर आज बैठक होने जा रही है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फेडरल रिजर्व इस बार ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. अगर ऐसा होता है, तो एक तरफ कर्ज लेना सस्ता हो जाएगा, जिससे उद्योग और उपभोग को बढ़ावा मिलेगा, जबकि दूसरी तरफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार और तेज हो सकती है.

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