India Export Growth: भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के बावजूद भी भारतीय निर्यात में उछाल देखने को मिल रही है. वाणिज्य मंत्रालय ने संसदीय समिति को जानकारी दी है कि, अप्रैल से अक्टूबर महीने के बीच भारत के आउटबाउंड शिपमेंट पिछले साल की इस अवधि की तुलना में ग्रोथ को दिखा रही है.

Continues below advertisement

जिसका सीधा अर्थ है कि, भारत ने निर्यात मामलों में मजबूती दिखाई हैं. जिससे केंद्र सरकार की रणनीतियों को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ मुद्दे को लेकर लगातार बातचीत जारी हैं. हालांकि, अभी तक कई चरणों की आधिकारिक मीटिंग के बाद भी किसी तरह के नतीजे सामने नहीं आए हैं. दोनों देशों की ओर से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद की जा रही हैं...

एक्सपोर्ट में तेजी

Continues below advertisement

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संसदीय स्थायी समिति की बैठक के दौरान कहा कि, अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ का भारत के निर्यात पर कोई बड़ा नकारात्मक असर देखने को नहीं मिला है. मीटिंग के दौरान मंत्रालय ने इस बात का भरोसा जताया है कि, देश घरेलू उत्पाद और मजबूत चेन सप्लाई होने के कारण निर्यात में वृद्धि  बनाए रखने में पूरी तरह सक्षम है.

मीटिंग का अध्यक्षता टीएमसी सांसद डोला सेन के नेतृत्व में संपन्न हुई. इस दौरान कई सदस्यों की ओर से सवाल भी उठाए गए. उन्होंने पूछा कि, भारत का साझेदार देश होने के बावजूद भी अमेरिका के टैरिफ लगाने के पीछे क्या कारण है?

इन सेक्टरों को लेकर जताई गई चिंता

बैठक के दौरान कॉफी, टी और सिल्क समेत अन्य उद्योग बोर्ड की तरफ से शिकायतें भी सामने आई. सदस्यों ने बताया कि, इन सेक्टरों को वैश्विक बाजार में उचित अवसर नहीं मिल रहे हैं और साथ ही अमेरिकी टैरिफ से बढ़ी कीमतों के कारण निर्यातकों को दबाव झेलना पड़ रहा है. सदस्यों ने डॉलर की मजबूती और गिरते रुपये पर भी अपनी बात रखी.

रुपये की कीमतों में हो रहे बदलाव से आयात-निर्यात में हो रही दिक्कतों के बारे में भी सदस्यों ने समिति का ध्यान खींचा. इन सभी शिकायतों पर मंत्रालय ने कहा कि, सभी सवालों और शिकायतों का जवाब दो सप्ताह के अंदर दिया जाएगा. समिति की अगली बैठक 16 दिसंबर को होगी.

यह भी पढ़ें: सेबी की बड़ी कार्रवाई! इस कंपनी पर लगाया 2 साल का बैन और 75 लाख का जुर्माना, जानें पूरी डिटेल