8th Pay Commission: आठवां वेतन आयोग (CPC) 1 जनवरी, 2026 से लागू माना जा रहा है, लेकिन एक करोड़ से भी ज्यादा केंद्रीय सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स सातवें वेतन आयोग के फ्रेमवर्क के तहत तब तक काम करते रहेंगे, जब तक कि नए स्ट्रक्चर को मंजूरी नहीं दी जाती और नोटिफाई नहीं कर लिया जाता. ऐसे में सैलरी में बढ़ोतरी, पेंशन रीविजन, अलाउंस और फिटमेंट फैक्टर को लेकर लोगों की उम्मीदें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं.

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सरकार ने अक्टूबर के महीने में टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दी थी. हालांकि, आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने में 18 महीने या डेढ़ साल का वक्त लग सकता है. इन्हीं सिफारिशों के आधार पर ही सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव किया जाएगा. हालांकि, हर किसी को 8वें वेतन आयोग का फायदा नहीं मिलेगा. कुछ कैटेगरीज ऐसी भी हैं, जिन्हें नए पे स्ट्रक्चर से बाहर रखा जा सकता है. आइए जानते हैं कि किन्हें आठवें वेतन आयोग के तहत फायदा नहीं मिलने की संभावना है:-

किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा फायदा? 

  • प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी इसके दायरे में नहीं आएंगे.
  • पे कमीशन की सिफारिशें सिर्फ सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारियों पर लागू होती हैं. कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले और टेम्पररी कर्मचारी, जो सेंट्रल सिविल सर्विसेज नियमों के तहत नहीं आते हैं, उन्हें सीधे इसका फायदा मिलने की संभावना नहीं है.
  • राज्य सरकार के कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग का फायदा नहीं मिलेगा. उन्हें फायदा तभी मिलेगा जब उनकी राज्य सरकारें 8वें पे कमीशन की सिफारिशों को अपनाने का फैसला करेंगी.
  • पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) के कर्मचारी 8वें वेतन आयोग के दायरे में नहीं आएंगे. इन संगठनों का अपना एक अलग पे स्ट्रक्चर होता है और जब तक संबंधित PSU सेंट्रल पे कमीशन की सिफारिशों को लागू नहीं करता, कर्मचारियों को सीधे फायदा नहीं होगा.
  • ऑटोनॉमस बॉडीज के कर्मचारियों को फायदा तभी मिलेगा जब वे सेंट्रल गवर्नमेंट के पे नियमों का पालन करेंगे.
  • यह ध्यान रखना जरूरी है कि सेंट्रल गवर्नमेंट के पेंशनर्स को आम तौर पर पे कमीशन में बदलाव का फायदा मिलता है. हालांकि, फाइनल एलिजिबिलिटी सरकारी नोटिफिकेशन में बताए गए नियमों पर निर्भर करेगी.

लाखों कर्मचारियों को है इंतजार

देश भर में कुल 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारी और करीब 69 लाख पेंशनभोगी हैं, जिन्हें आठवें वेतन आयोग के तहत मिलने वाले फायदे का बेसब्री से इंतजार है. आठवें वेतन आयोग को मंजूरी मिलने के साथ ही इसे लागू करने के लिए बजट में जरूरी फंड का भी इंतजाम किया जाएगा क्योंकि खर्च काफी बड़ा बैठने वाला है.

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