Indian Economy: बजट 2026 से पहले भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपने लेटेस्ट डेटा में अनुमान लगाते हुए यह कहा है कि 2026 में ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ में भारत का योगदान दूसरा सबसे बड़ा होगा. पहले नंबर पर चीन है.
IMF ने कहा कि 2026 में ग्लोबल ग्रोथ में अकेले भारत और चीन की हिस्सेदारी 43.6 परसेंट की होगी. अभी पिछले साल ही भारत नॉमिनल GDP के मामले में जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना.
एलन मस्क ने कह दी ये बात
हालांकि, अभी भी टोटल साइज के हिसाब से अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी है, लेकिन अब भारत इससे टक्कर देने की कगार पर पहुंच चुका है. लेटेस्ट ग्रोथ रेट (सेक्टर के आधार पर 6.2 से 7.3 परसेंट) के साथ अब यह चीन को छोड़कर किसी भी दूसरे देश के मुकाबले टोटल ग्लोबल ग्रोथ में सबसे ज्यादा योगदान दे रहा है. इस बारे में दुनिया के सबसे अमीर आदमी एलन मस्क का मानना है कि ग्लोबल इकोनॉमी एक नए दौर में प्रवेश कर रही है. उन्हें एक्स पर अपने ऑफिशियल अकाउंट में लिखा है, "बैलेंस ऑफ पावर बदल रहा है." यह लिस्ट 2026 के लिए ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ में योगदान के मामले में भारत को यूनाइटेड स्टेट्स से आगे रखती है.
तीसरे नबंर पर अमेरिका
IMF की डेटा से पता चलता है कि चीन और भारत मिलकर ग्लोबल रियल GDP ग्रोथ में लगभग 44 परसेंट का योगदान देंगे. इससे साफ पता चलता है कि इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार अब पश्चिम को छोड़ पूर्व की ओर बढ़ रही है. लिस्ट में सबसे ऊपर चीन है, जिसके 2026 के ग्लोबल रियल GDP ग्रोथ में 26.6 परसेंट का योगदान देने का अनुमान है. भारत 17 परसेंट की हिस्सेदारी के साथ उसके ठीक पीछे है. यूनाइटेड स्टेट्स तीसरे नंबर है. इसका अनुमानित योगदान 9.9 परसेंट है, जो चीन और भारत के कुल योगदान के एक चौथाई से भी कम है.
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