दुबई को सोने और महंगी ज्वेलरी के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, लेकिन इस बार यहां बने एक अनोखे आभूषण ने सबका ध्यान खींचा है. भारतीय पारंपरिक डिजाइन से प्रेरित इन विशाल झुमकों का वजन इतना ज्यादा है कि इन्हें सामान्य तौर पर पहने जाने वाले गहनों से अलग एक खास कलाकृति के रूप में देखा जा रहा है.
इन झुमकों को तैयार करने में दर्जनों कुशल कारीगरों ने कई महीनों तक काम किया. खास बात यह है कि इस एक जोड़ी ने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं.
55 कारीगरों ने 5,840 घंटे में किया तैयार
इन झुमकों को बनाने के लिए 55 कुशल कारीगरों ने मिलकर काम किया. इन्हें तैयार करने में कुल 5,840 घंटे लगे, जबकि निर्माण प्रक्रिया कई महीनों तक चली. आकार की बात करें तो इनकी लंबाई 1.215 मीटर और व्यास 0.682 मीटर है.
इनका डिजाइन भारतीय संस्कृति में सुंदरता और गरिमा का प्रतीक माने जाने वाले मोर से प्रेरित है. पारंपरिक घंटी के आकार वाले झुमकों की बनावट को बरकरार रखते हुए इन्हें असाधारण आकार दिया गया है. इस तरह यह जोड़ी सिर्फ सोने की मात्रा के कारण नहीं, बल्कि इसकी बारीक कारीगरी के कारण भी खास बन गई है.
16.5 किलो सोने से तैयार हुए विशाल झुमके
दुबई में ज्वेलरी ब्रांड जॉयअलुक्कास ने 22 कैरेट सोने से बने झुमकों की एक विशाल जोड़ी तैयार की है. इनका नाम ‘मयूर सहस्र’ रखा गया है, जिसका अर्थ है ‘एक हजार मोर'. दोनों झुमकों का कुल शुद्ध सोने का वजन 16.514 किलोग्राम है.
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इन्हें दुनिया की सबसे भारी और सबसे बड़ी सोने की बालियों की जोड़ी के रूप में मान्यता दी है. कंपनी की यह उपलब्धि पारंपरिक भारतीय आभूषण कला को बड़े पैमाने पर पेश करने का उदाहरण है.
दुबई से जुड़ी कंपनी की खास पहल
जॉय अलुक्कास ज्वेलरी के सीईओ जॉन पॉल अलुक्कास के अनुसार, इस रचना के पीछे दुबई के साथ कंपनी का लंबे समय से चला आ रहा जुड़ाव और शहर की उपलब्धियों से प्रेरणा लेने का विचार था. कंपनी के चेयरमैन जॉय अलुक्कास ने भी इसे दुबई और इसे बनाने वाले कारीगरों के प्रति सम्मान बताया.
इस उपलब्धि के जरिए कंपनी ने भारतीय पारंपरिक आभूषण डिजाइन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया है. दो गिनीज रिकॉर्ड बनाने वाली यह जोड़ी दिखाती है कि पारंपरिक कला को नए रूप में पेश करके किस तरह वैश्विक पहचान हासिल की जा सकती है.
दुबई में कहां देख सकते हैं ये झुमके?
इन विशाल झुमकों का अनावरण 24 अक्टूबर 2026 को दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट स्थित ‘ज्वेल ऑफ जॉय’ शोरूम में किया गया. कार्यक्रम में संयुक्त अरब अमीरात के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री सहित ज्वेलरी उद्योग से जुड़े कई लोग मौजूद रहे.
कंपनी के मुताबिक, इस जोड़ी को आम लोगों और पर्यटकों के देखने के लिए शोरूम में प्रदर्शित किया गया है. इससे दुबई आने वाले लोग विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले इन आभूषणों की कारीगरी को करीब से देख सकेंगे.
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