नई दिल्लीः. आज बजट सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आर्थिक सर्वे पेश कर दिया. आर्थिक सर्वे 2017-18 में देश की विकास दर 6.75-7.50 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है. बजट सत्र की शुरुआत आज सुबह 11 बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण के साथ हुई. 1 घंटे चले इस अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री ने इकोनॉमिक सर्वे पेश कर दिया. देश की आर्थिक सेहत का ब्यौरा पेश करने के बाद कल केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा. बजट से पहले संसद में आर्थिक सर्वे प्रस्तुत करने की परंपरा है. इस बजट सत्र में 21 नए विधेयक भी लाए जाएंगे. ECONOMIC SURVEY UPDATES-
अरुण जेटली ने नोटबंदी के बाद कृषि सेक्टर पर आए असर की समीक्षा करने की बात कही है. कृषि में अच्छी वृद्धि हो रही है लेकिन नोटबंदी के असर के बाद कृषि क्षेत्र का अध्ययन किया जाएगा.
वहीं वित्त मंत्री ने रियल एस्टेट सेक्टर के दाम और गिरने का अनुमान दिया है. रियल स्टेट की कीमतों में गिरावट आएगी.
कच्चे तेल के दाम 65 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाते हैं तो वैश्विक तेल के दाम बढ़ सकते हैं. वैश्विक दृष्टिकोण से अगर कच्चे तेल की कीमत 65 से ऊपर चली जाती है, तो हमारी अर्थव्यवस्था पर इसका उल्टा असर देखा जा सकता है.
नोटबंदी के बाद पैदा हुई नकदी की समस्या अप्रैल तक खत्म हो जाएगी.
नोटबंदी के बाद रियल ई-स्टेट बुरी तरह प्रभावित हुआ है और इसमें सुधार के लिए किफायती आवास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
वित्त वर्ष 2017-2018 मेें देश में श्रम और रोजगार में वृद्धि होगी.
हम देख रहे हैं कि अगले साल मानसून हमारे ऊपर क्या प्रभाव डालता है नोटबंदी के बाद किसानों को बीज और उर्वरक खरीदने में दिकक्तों का सामना करना पड़ा था.
इससे पहले राष्ट्रपति के भाषण के बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा कि मौजूदा भारत सरकार रोजगार के मोर्चे पर बिलकुल फेल रही है.