कुछ समय पहले ही ब्लिंकिट ने एम्बुलेंस की सर्विस शुरू की है. जिसको लोगों ने खूब सराहा और इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं. लेकिन अब तक ये सर्विस हर तरह से चार्ज फ्री थी, जो अब नहीं रहेगी. हल ही में जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने इसकी घोषणा की है. उन्होंने बताया है कि ब्लिंकिट की इस सर्विस के अब जल्दी ही चार्जेस लगने वाले हैं.
दरअसल दीपिंदर गोयल ने गुरुवार, 5 नवंबर को घोषणा की है कि ब्लिंकिट एम्बुलेंस की नॉन एमरजेंसी सर्विस के अब 2500 रुपये लगने वाले हैं. हालांकि एमरजेंसी एम्बुलेंस सर्विसेस पहले की तरह ही फ्री रहने वाली हैं.
सोशल मीडिया के जरिए की घोषणादीपिंदर ने अपने ऑफिशियल X (पहले ट्विटर) अकाउंट के जरिए एक पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'मैंने सेवा भाव के साथ जोमैटो की शुरुआत की थी. आज 'ब्लिंकइट एम्बुलेंस' उसी सेवा भावना का एक रूप है. पिछले 2 सालों में, हमने लगभग 20,000 इमरजेंसी मामलों (कुल मिलाकर लगभग 42,000 मामले) में मदद की है. हमने इसके लिए एक रुपया भी नहीं लिया है. और हम आगे भी इसे ऐसे ही रखना चाहते हैं.'
उन्होंने आगे लिखा, 'चूंकि ये सेवा पूरी तरह से मुफ्त है, इसलिए अब ऐसी बुकिंग्स की संख्या बढ़ रही है जो रूटीन चेकअप, अस्पताल जाने या अस्पताल से घर लौटने जैसी सामान्य जरूरतों के लिए हैं-ऐसे काम जिनके लिए उबर (Uber) या किसी निजी वाहन का इस्तेमाल आसानी से किया जा सकता था. लेकिन ऐसी हर बुकिंग की वजह से, पैरामेडिक्स के साथ पूरी तरह से लैस एक इमरजेंसी एम्बुलेंस सड़क से हट जाती है, जबकि हो सकता है कि उस समय किसी की जान बचाने के लिए उसकी जरूरत हो.'
2500 रुपये लगेगा चार्जआगे दीपिंदर ने पोस्ट में लिखा है कि, 'इसलिए, अब से हम एक बदलाव कर रहे हैं: इमरजेंसी ट्रांसफर हमेशा की तरह फ्री रहेंगे. नॉन-इमरजेंसी ट्रांसफर के लिए 2,500 रुपये का शुल्क लगेगा, जो ट्रिप के बाद लिया जाएगा. ये शुल्क काफी हद तक प्राइवेट एम्बुलेंस के चार्ज के बराबर है. ये पैसा 'इटर्नल फाउंडेशन' (Eternal Foundation) को जाएगा, जो इन एम्बुलेंस को चलाता है. इससे हमें अपनी एम्बुलेंस सर्विस को और अधिक बढ़ाने में मदद मिलेगी.'
ब्लिंकिट एम्बुलेंस के इस्तेमाल में आएगी कमीइसके साथ ही उन्होंने ये डर भी जताया है कि इन चार्जेस के बाद नॉन-इमरजेंसी सर्विसेज में इनकी एम्बुलेंस का कम इस्तेमाल किया जाएगा. उन्होंने कहा है कि उनकी 10-मिनट एम्बुलेंस सर्विस ने अब तक हजारों लोगों की जानें बचाई हैं और आगे भी बचा सकती है. इसलिए, उन इमरजेंसी स्थितियों के लिए ये एम्बुलेंस उपलब्ध रखना होंगी.
बता दें कि ये चार्जेस किसी भी गलत तरीके से नहीं लगाए जा रहे हैं, बल्कि इनका मकसद जरूरतमंद लोगों के लिए ज्यादा से ज्यादा सुविधा उपलब्ध करवाना है.
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