Education Loan Tips: पसंदीदा कॉलेज में जाना हो या उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना हो शिक्षा की बढ़ती लागत के कारण अधिकांश छात्रों के लिए ये दोनों की मुश्किल लक्ष्य बनते जा रहे हैं. महंगी होती शिक्षा के कारण माता-पिता और छात्रों द्वारा किए गए कई प्रयासों के बावजूद, क्वालिटी एजुकेशन तक पहुंच प्राप्त करना बहुत मुश्किल हो गया है.  

मीडिया रिपोट्स् के मुताबिक नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (NSSO) के आंकड़ों के अनुसार, 2008- 2014 के बीच, निजी संस्थानों में सामान्य शिक्षा की लागत में औसतन 175 प्रतिशत की वृद्धि हुई और तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के लिए यह वृद्धि 96% रही. इन हालात में एजुकेशन लोन एक समाधान हो सकता है.  एजुकेशन लोन एक व्यक्ति के जीवन के पहले बड़े वित्तीय फैसलों में से एक होता है. इसलिए एजुकेशन लोन लेते समय कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है. जानते हैं इनके बारे में: -

लोन प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता प्राप्त करनालोन आवेदन दाखिल करने से पहले छात्रों को किसी भी संस्थान से कर्ज लेने और उसे चुकाने की पूरी प्रक्रिया के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए."

एक छात्रों को कई चीजों- जैसे कि कोर्स फीस, जरूरी डॉक्यूमेंट्स, स्कोलरशिप,  लोन पर ब्याज और कर्ज से जुड़ी किसी भी प्रोसेसिग फीस के बारे में पता होना चाहिए.

दस्तावेज़ रखें तैयारलोन के लिए जिन डॉक्यूमेंट्स को जमा करना होता है, वे सभी उधारदाताओं के लिए भिन्न होते हैं, स्टूडेंट जब एजुकेशन लोन के लिए आवेदन करता है,  तो उसे डॉक्यूमेंट्स के बारे में पता होना चाहिए. हम आपको कुछ डॉक्यूमेंट्स के बारे में बता रहे हैं जिनकी आम तौर पर जरुरत पड़ती है:-

  • छात्रों और सह-आवेदकों के KYC डाक्यूमेंट्स - आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट.
  • सह-आवेदकों द्वारा कोई अतिरिक्त दस्तावेज.
  • यदि स्टूडेंट एक वर्किंग प्रोफेशनल है - एड्रेस प्रूफ, अंतिम दो फॉर्म 16, पिछले 3 महीने की सैलरी स्लिप, सैलरी अकाउंट बैंक स्टेटमेंट और कंपनी आईडी या ऑफर लेटर.
  • इंस्टीट्यूट की एडमिशन लेटर कॉपी फीस स्ट्रक्चर के साथ.
  • S.C., H.S.C, डिग्री कोर्स की मार्कशीट या पासिंग सर्टिफिकेट.

कर्ज की अवधि एजुकेशन लोन आमतौर पर 8-10 वर्षों तक की अवधि के लिए उपलब्ध होते हैं. लंबी अवधि में ईएमआई कम हो जाती है,  हालांकि, यह ओवरऑल रिपेमेंट कॉस्ट को बढ़ाता है. यदि कोई व्यक्ति जल्दी कर्ज चुका सकता है, तो उसे कम अवधि का विकल्प चुनना चाहिए. इसके अलावा, एजुकेशन लोन के प्रीपेमेंट पर जीरो पेनल्टी के साथ भी किश्तें होती हैं.

एजुकेशन लोन के टेक्स बेनिफिट्सएजुकेशन लोन के लिए आवेदन करने से आप आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 (ई) के तहत टैक्स डिडक्शन के पात्र बन जाएंगे. ध्यान दें कि इस तरह की कटौती का दावा एजुकेशन लोन के भुगतान किए गए ब्याज पर आसानी से किया जा सकता है.

कोर्स के बाद उपलब्ध नौकरी के अवसरों के बारे में जानेंएक छात्र के रूप में अपनी पसंद के कोर्स को अंतिम रूप देने से पहले,  आपको अपनी पहली मिनिमम सेलरी के बारे में एक उचित समझ बना लेनी चाहिए, जिसकी आप डिग्री प्राप्त करने के बाद उम्मीद करते हैं. सेलरी के बारे में निर्णय लेते समय हमेशा ध्यान में रखें कि आपको एजुकेशन लोन की किस्त भी चुकानी है.