AI Engineer Salary: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में इन दिनों एनवीडिया यानी (NVIDIA) का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है. यह कंपनी खासतौर पर AI चिप्स यानी GPU बनाती है, जिनकी मांग पूरी दुनिया में है. लेकिन इस बार कंपनी अपने टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि कर्मचारियों को दी जा रही भारी-भरकम सैलरी की वजह से चर्चा में है.
करोड़ों का सैलरी पैकेज
अमेरिका सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एनवीडिया अपने कर्मचीरियों को करीब 4.7 करोड़ रुपये तक का सालाना पैकेज दे रही है. इस पैकेज में बेसिक सैलरी शामिल है, जबकि स्टॉक ऑप्शन और बोनस इससे अलग होते हैं, जो इसे और भी ज्यादा बढ़ा सकते हैं.
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विदेशी टैलेंट को बड़ा मौका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब कई बड़ी टेक कंपनियां विदेशी कर्मचारियों की भर्ती कम कर रही हैं, तक एनवीडिया लगातार बाहर के टैलेंट को मौका दे रही है. कंपनी ने H-1B वीजा वाले कर्मचारियों की भर्ती भी बढ़ाई है. इस साल शुरुआती छह महीनों में लगभग 1,200 H-1B पदों को मंजूरी दी गई, जबकि पिछले साल यह संख्या लगभग 1,000 थी. इसके उलट गूगल और अमेजन जैसी कंपनियों में विदेशी कर्मचारियों की भर्ती में कमी देखी गई है.
किन पदों पर कितनी सैलरी?
एनवीडिया में अलग-अलग पदों पर करोड़ों रुपये का पैकेज दिया जा रहा है जैसे...
- Research Scientist: ₹99 लाख से ₹3.41 करोड़
- Principal Research Scientist: ₹2.60 करोड़ से ₹4.12 करोड़
- Software Engineer: ₹1.03 करोड़ से ₹3.74 करोड़
- Principal Architect: ₹2.37 करोड़ से ₹4.07 करोड़
- AI Algorithms Engineer: ₹2.94 करोड़ से ₹4.50 करोड़
- Software Engineering Director: ₹3.72 करोड़ से ₹4.50 करोड़
क्यों दे रही है इतनी बड़ी सैलरी?
एनवीडिया का मानना है कि AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी के इस दौर में सबसे बड़ा हथियार टैलेंट है. कंपनी के CEO जेन्सेन हुआंग के मुताबिक, दुनिया भर से बेहतरीन दिमागों को जोड़ना उनकी सबसे बड़ी रणनीति है. कंपनी डेटा सेंटर और AI सिस्टम को मजबूत करने में लगातार इन्वेस्ट कर रही है, जिसके लिए हाई-लेवल इंजीनियर और रिसर्चर्स की जरूरत है.
टेक इंडस्ट्री पर असर
सबसे बड़ी बात तो यह है कि जहां कई कंपनियां लागत कम करने के लिए छंटनी और भर्ती में कटौती कर रही हैं, वहीं एनवीडिया का यह कदम दिखाता है कि AI सेक्टर में प्रतिभा की कीमत तेजी से बढ़ रही है. ध्यान देने वाली बात तो यह है कि इस ट्रेंड से आने वाले टाइम में टेक इंडस्ट्री में कंपटीशन और बढ़ सकता है. साथ ही भारत जैसे देशों के इंजीनियरों के लिए भी विदेशी कंपनियों में बड़े पैकेज पर नौकरी के नए मौके बन सकते हैं.
