8th Pay Commission Latest Update: इन दिनों 8वें वेतन आयोग को लेकर पूरे देश में चर्चाएं तेजी से बढ़ती दिख रही हैं. अलग-अलग कर्मचारी संगठन केंद्र सरकार से वेतन, भत्तों और अन्य बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं.

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संगठनों की ओर से सरकार को कई सुझाव भी दिए गए हैं. अगर इन प्रस्तावों को सरकार की मंजूरी मिलती हैं, तो यह पिछले कुछ सालों में सरकारी कर्मचारियों के वेतन स्ट्रक्चर में सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता हैं. आइए जानते हैं, इस बारे में.

वेतन स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की मांग

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केंद्र शासित प्रदेशों के सरकारी शिक्षकों का संगठन ‘प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच’ (PSNM) ने वेतन और भत्तों की पूरी व्यवस्था में बदलाव करने की मांग रखी है.

संगठन ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि लेवल 1 के कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 50,000 से 60,000 रुपये तक किया जाना चाहिए. यह मौजूदा 7वें वेतन आयोग के तहत मिलने वाले 18,000 रुपये के मूल वेतन से बहुत ज्यादा है. 

फिटमेंट फैक्टर और इंक्रीमेंट पर जोर

  • यूनियन ने फिटमेंट फैक्टर को मौजूदा 2.57 से बढ़ाकर 2.62 से 3.83 के बीच करने का सुझाव दिया है. साथ ही सालाना इंक्रीमेंट 3 प्रतिशत से बढ़ाकर करीब 6–7 फीसदी करने की मांग रखी गई है. 
  •  संगठन का कहना हैं कि महंगाई को देखते हुए ये बदलाव जरूरी हैं. इन बदलावों से कर्मचारियों की इनकम में इजाफा हो सकेगा. 

वेतन 4 गुना करने की मांग

1. भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (बीपीएमएस) ने न्यूनतम बेसिक पे को बढ़ाकर करीब 72,000 रुपये करने की मांग रखी है. यह मौजूदा लेवल से 4 गुना ज्यादा है.

2. इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर  को 4 करने की मांग भी की जा रही है. टॉप लेवल के पदों के लिए अधिकतम वेतन 10 लाख रुपये तक करने का सुझाव भी दिया गया है. अगर केंद्र सरकार इन सुझावों को मान लेती हैं तो, केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में जोरदार इजाफा देखने को मिल सकता हैं. 

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