नई दिल्ली: सिर्फ तीन दिन बाद 1 फरवरी को बजट पेश होना है. एबीपी न्यूज बजट से जुड़ी हर खबर आप तक पहुंचा रहा है. रोज हम आपको बता रहे हैं कि देश वित्त मंत्री से बजट में क्या चाहता है. आज हम आपको बताएंगे सुक्ष्म, लघु और मझौले आकार के उद्योग यानी MSME सेक्टर बजट से क्या चाहता है.

माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज यानी के छोटे और बेहद छोटे उद्योगों का असली हाल जानना है तो धारावी की एक झुग्गी बस्ती से समझते हैं. मुंबई के बीचों बीच बसी धारावी दुनिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती है तो दूसरी ओर ये चमड़े के कारोबार के लिए मशहूर है.

धारावी में 50 हजार से ज्यादा चमड़े के कारखाने हैं. यहां आपको सस्ते से सस्ता और महंगे से महंगा चमड़े का सामान मिल जाएगा. फिलहाल नोटबंदी ने चमड़ा कारोबार से जुड़े लोगों की हालत खराब कर रखी है. धारावी में काम करने वाले लोगों पर नोटबंदी का खासा असर देखा गया है. यहां के एक कारखाने का कहना है कि उनके कारखाने में अभी 5 लोग काम कर रहे हैं, जबकि नोटबंदी के पहले 12 लोग काम करते थे.

1 फरवरी के दिन आने वाले आम बजट से धारावी के चमड़ा कारोबारी अब चाहते हैं कि कम से कम बजट में ऐसे ऐलान हों जिससे चमड़ा कारोबार में फिर से रौनक लौटे.