Sunny Deol All time Hit Dialogues: ये ढाई किलो का हाथ जब किसी पर पड़ता है ना तो आदमी उठता नहीं, उठ जाता है!
साल 2001 में आई फिल्म 'गदर: एक प्रेम कथा' में सनी ने कहा था, ''अशरफ अली! आपका पाकिस्तान ज़िंदाबाद है, इससे हमें कोई ऐतराज़ नहीं लेकिन हमारा हिंदुस्तान ज़िंदाबाद है, ज़िंदाबाद था और ज़िंदाबाद रहेगा! बस बहुत हो गया.
वहीं, 1996 में आई फिल्म 'जीत' में सनी ने बेहद गंभीर डायलॉग के जरिए कहा, इन हाथों ने हथियार छोड़े हैं, चलाना नहीं भूले.
साल 1996 में बनी फिल्म 'घातक' में सनी देओल ने विलेन डैनी डेन्जोंगपा (कातिया) को कहा, मर्द बनने का इतना ही शौक है, तो कुत्तों का सहारा लेना छोड़ दे कातिया.
28 साल पहले आई फिल्म 'दामिनी' में सनी देओल का शानदार डायलॉग भला कौन भूल सकता है. ये डायलॉग है तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख...तारीख पर तारीख...तारीख ही मिलती रही है लेकिन इंसाफ नहीं मिला. माई लॉर्ड इंसाफ नहीं मिला...मिली है तो सिर्फ यह तारीख.
'दामिनी' का एक और जानदार डायलॉग जिसमें सनी ने कहा था जब ये ढाई किलो का हाथ किसी पे पड़ता है, तो आदमी उठता नहीं...उठ जाता है.