Police Car Tires vs Normal Car: आपने कभी न कभी तो पुलिस की गाड़ी अपने बहुत करीब से देखा होगा. सड़क पर दौड़ती हुई पुलिस की गाड़ी को देखकर हम अक्सर सोचते हैं कि ये सिर्फ साइरन और अपनी खास लाइटिंग की वजह से आम गाड़ियों से अलग होती हैं. लेकिन असल में इस गाड़ी का एक-एक पुर्जा आम कारों के मुकाबले कई गुना ज्यादा मजबूत और एडवांस होता है. इस लिए आज हम बात करेंगे पुलिस और सड़क पर चलने वाली नॉर्मल कारों के टायरों के बारें में.

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बता दें कि, पुलिस कार के टायर्स को खास तौर पर ऐसी मुश्किल परिस्थितियों को झेलने के लिए डिज़ाइन किया जाता है. जिनके बारे में एक आम कार मालिक सोच भी नहीं सकता. आज हम आपको पुलिस कार और आम घरेलू कार के टायर्स के बीच का वो बड़ा और हैरान कर देने वाला अंतर बताएंगे जो किसी भी इमरजेंसी में पुलिस को बहुत मदद करता है.

स्पीड का है सबसे बड़ा अंतर 

बता दें कि, सड़क पर चलने वाली एक नॉर्मल कार के टायर्स की स्पीड 120 से 140 kmph को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं. लेकिन पुलिस की गाड़ियों में विशेष रूप से पसूट-रेटेड टायर्स का इस्तेमाल होता है. 

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इन टायर्स की स्पीड रेटिंग आमतौर पर W या V होती है. जानकारी के लिए आपको बता दें कि इसका मतलब यह है कि ये टायर्स 240 से 270 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार पर भी बिना फटे या अपनी ग्रिप खोए लगातार दौड़ सकते हैं. 

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बेहद ही मजबूत होते हैं यह टायर्स

अब बात करते हैं टायर्स के मजबूती की. आम गाड़ियों के टायर सड़क पर पड़े नुकीले पत्थरों या कील से तुरंत पंचर हो जाते हैं. लेकिन पुलिस कार के टायर्स के अंदर का ढांचा बेहद मजबूत होता है. इनमें स्टील बेल्ट्स और खास नायलॉन रैप की एक्स्ट्रा लेयर्स दी जाती हैं. 

कंपनियां इन्हें इस तरह से 30 से 35 फीसदी ज्यादा मजबूत बनाती हैं ताकि अगर गाड़ी को किसी अपराधी का पीछा करते हुए अचानक फुटपाथ पर चढ़ाना पड़े, या गड्ढों से गुजारना पड़े तो भी इनका टायर न तो फटे और न ही अपनी शेप बदले. इस लिए पुलिस कार के टायर्स बेहद ही मजबूत होते हैं.

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