कई बार ऐसा होता है कि चलते-चलते अचानक गाड़ी बंद हो जाती है. ऐसे में ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं और तुरंत मैकेनिक को बुला लेते हैं. लेकिन हर बार बड़ी खराबी नहीं होती. कई बार छोटी-सी वजह से भी गाड़ी स्टार्ट नहीं होती, जिसे आप खुद कुछ मिनट में जांचकर ठीक कर सकते हैं. इसलिए बिना घबराए सबसे पहले कुछ जरूरी चीजों की जांच कर लें. इससे आपका समय भी बचेगा और बेवजह मैकेनिक पर खर्च होने वाले पैसे भी बच सकते हैं.

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सबसे पहले ये चेक करें

डैशबोर्ड पर लगे फ्यूल गेज को देखें कि टैंक में पर्याप्त पेट्रोल या डीजल है या नहीं. कई बार फ्यूल गेज सही रीडिंग नहीं दिखाता या जल्दबाजी में हमें ध्यान नहीं रहता कि फ्यूल खत्म हो चुका है. इसके साथ ही गाड़ी के नीचे भी एक बार नजर डालें. अगर कहीं से पेट्रोल या डीजल टपक रहा है या ज्यादा मात्रा में लीकेज दिखाई दे रहा है तो हो सकता है फ्यूल पाइप में कट या खराबी आ गई हो. ऐसी स्थिति में गाड़ी स्टार्ट होने में दिक्कत आ सकती है.

बैटरी में हो सकती है समस्या

अगर चाबी घुमाने या सेल्फ मारने पर इंजन बिल्कुल आवाज नहीं कर रहा है या डैशबोर्ड की लाइटें हल्की-हल्की जल रही हैं और टिमटिमा रही हैं तो समस्या बैटरी में हो सकती है. बोनट खोलकर बैटरी के दोनों टर्मिनल देखें. अगर उन पर सफेद रंग का पाउडर या कार्बन जमा है तो उसे साफ करें. इसके साथ ही यह भी देखें कि बैटरी के तार ढीले तो नहीं हैं. अगर ढीले हों तो उन्हें अच्छी तरह कस दें. कई बार सिर्फ इतना करने से ही गाड़ी दोबारा स्टार्ट हो जाती है. 

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ये गलती तुरंत न करें

अगर इंजन ज्यादा गर्म हो गया है तो जल्दबाजी बिल्कुल न करें. डैशबोर्ड पर अगर टेम्परेचर की सुई 'H' यानी हॉट पर पहुंच गई है या बोनट से भाप निकल रही है तो इसका मतलब इंजन ओवरहीट हो गया है. ऐसी स्थिति में सबसे बड़ी गलती रेडिएटर का ढक्कन तुरंत खोलना है. गर्म इंजन में रेडिएटर खोलने से उबलता हुआ कूलेंट बाहर निकल सकता है और गंभीर चोट लग सकती है. इसलिए पहले गाड़ी को 15 से 20 मिनट तक ठंडा होने दें. इसके बाद ही कूलेंट या पानी का लेवल जांचें और जरूरत पड़ने पर उसे भरें.

गाड़ी के कई जरूरी इलेक्ट्रिकल सिस्टम फ्यूज के जरिए काम करते हैं. अगर फ्यूल पंप, इग्निशन या किसी जरूरी सिस्टम का फ्यूज जल गया हो तो गाड़ी स्टार्ट नहीं होगी. फ्यूज बॉक्स आमतौर पर बोनट के अंदर या डैशबोर्ड के नीचे होता है. कार के मैनुअल या फ्यूज बॉक्स के ढक्कन के अंदर बने डायग्राम को देखकर पता लगाया जा सकता है कि कौन-सा फ्यूज किस सिस्टम का है. 

ये काम करना जरूरी

खराब सड़क, गड्ढों और लगातार झटकों की वजह से कई बार इंजन के सेंसर के कनेक्टर या वायरिंग ढीली होकर निकल जाती है. इसलिए बोनट खोलकर एक बार ध्यान से देखें कि कहीं कोई तार, प्लग या कपलर अपनी जगह से निकला हुआ तो नहीं है. अगर ऐसा दिखाई दे तो उसे सावधानी से वापस अच्छी तरह लगा दें. कई बार सिर्फ एक ढीला कनेक्शन ही पूरी समस्या की वजह बन जाता है.

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