बिजली जाने पर घर में इन्वर्टर या जनरेटर का इस्तेमाल करना आम बात है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी कार भी घर के लिए बिजली का इंतजाम कर सकती है? पेट्रोल और डीजल कारों में ऐसा करना आसान नहीं है, लेकिन इलेक्ट्रिक कारों में यह सुविधा संभव है. दरअसल, कुछ इलेक्ट्रिक कारों में ऐसी तकनीक दी जाती है, जिनकी मदद से उनकी बैटरी से दूसरे इलेक्ट्रिकल उपकरणों को बिजली दी जा सकती है.

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इसका मतलब है कि अगर आपके पास सही फीचर वाली इलेक्ट्रिक कार है, तो बिजली कटने पर उससे घर का पंखा, लाइट, लैपटॉप और दूसरे छोटे उपकरण भी चला सकते हैं. इस तकनीक का नाम Vehicle to Load है.  हालांकि, यह सुविधा हर इलेक्ट्रिक कार में नहीं मिलती. ऐसे में आइए जानते है इस तकनीक के बारे में.

V2L यानी Vehicle to Load टेक्नोलॉजी

इलेक्ट्रिक कार से बिजली लेकर दूसरे उपकरण चलाने के लिए V2L यानी Vehicle to Load तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. इस तकनीक में कार की हाई-वोल्टेज बैटरी से मिलने वाली DC बिजली को इन्वर्टर की मदद से AC बिजली में बदला जाता है. इसके बाद कार में दिए गए खास सॉकेट या एक्सटर्नल पावर आउटलेट के जरिए बिजली का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें आप कार के साथ मिलने वाले विशेष अडैप्टर की मदद से पंखा, मोबाइल चार्जर, लैपटॉप और LED लाइट जैसे उपकरण चला सकते हैं. कुछ कारों में यह आउटलेट सीधे दिया जाता है, जबकि कुछ में अलग से अडैप्टर लगाना पड़ता है.

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पंखा और लाइट बैटरी क्षमता पर निर्भर

पंखा और लाइट चलाने का समय पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार की बैटरी क्षमता और बिजली की खपत पर निर्भर करता है. अगर किसी कार में 40 kWh की बैटरी है, तो उसमें काफी ऊर्जा मौजूद होती है. हालांकि पूरी बैटरी घर के उपकरणों के लिए इस्तेमाल नहीं की जा सकती. गाड़ी चलाने के लिए भी चार्ज बचाकर रखना जरूरी है. अगर आप 60 वॉट का एक पंखा और 10 वॉट की चार LED लाइट चलाना चाहते हैं. ऐसे में कुल बिजली की खपत 100 वॉट होगी. अगर ये उपकरण लगातार 10 घंटे चलते हैं, तो करीब 1 यूनिट बिजली खर्च होगी. इस हिसाब से पर्याप्त बैटरी चार्ज और V2L सपोर्ट वाली इलेक्ट्रिक कार इन उपकरणों को कई घंटों तक चला सकते हैं.

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घर के सभी उपकरण नहीं चला सकते

V2L तकनीक में कार से कितनी बिजली ली जा सकती है, इसकी एक निर्धारित सीमा होती है. अलग-अलग इलेक्ट्रिक कारों में यह क्षमता अलग हो सकती है. कई गाड़ियों में लगभग 3.3 kW तक आउटपुट मिलता है, जबकि कुछ मॉडल इससे अधिक क्षमता भी दी जाती है. पंखा, LED लाइट, मोबाइल चार्जर, लैपटॉप और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आसानी से चलाए जा सकते हैं, लेकिन उनकी कुल बिजली खपत कार की निर्धारित सीमा में हो. वहीं एयर कंडीशनर, गीजर, माइक्रोवेव और दूसरे अधिक बिजली खपत करने वाले उपकरण चलाने से पहले उनकी पावर रेटिंग और कार की आउटपुट क्षमता जरूर जांचनी चाहिए.

पूरी कार भी बन सकती है घर का इन्वर्टर

इलेक्ट्रिक कार को घर के बैकअप सिस्टम की तरह इस्तेमाल करने के लिए एक दूसरी तकनीक भी है, जिसे V2H यानी Vehicle to Home कहते हैं. इस तकनीक में इलेक्ट्रिक कार की बैटरी से बिजली सीधे घर के इलेक्ट्रिकल सिस्टम तक पहुंचाई जा सकती है. इसके लिए विशेष बायडायरेक्शनल चार्जर और अनुकूल इलेक्ट्रिक कार की जरूरत होती है. V2L के मुकाबले V2H ज्यादा सही तरीके से घर को बिजली देने में मदद करता है. हालांकि हर इलेक्ट्रिक कार और चार्जर V2H को सपोर्ट नहीं करता. इसके लिए घर में जरूरी इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन भी कराना पड़ता है.

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