केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों से इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दे रही है. PM E-DRIVE, PLI स्कीम और इंपोर्ट ड्यूटी में छूट जैसी योजनाओं के जरिए सरकार साफ संकेत दे चुकी है कि भविष्य इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का है. अभी EV खरीदने पर ग्राहकों को हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की सब्सिडी मिलती है और GST भी सिर्फ 5 प्रतिशत है. ऐसे में 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले Budget 2026 से EV सेक्टर को नई राहतों की उम्मीद है, जिससे आम लोगों के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदना और आसान हो सकता है.

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चार्जिंग स्टेशन बढ़ने से खत्म होगी रेंज एंग्जायटी

  • भारत में EV अपनाने की सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग स्टेशन की कमी है. कई शहरों और खासकर हाईवे व दूर-दराज के इलाकों में चार्जिंग सुविधा सीमित है, जिससे लोगों को रेंज एंग्जायटी रहती है. Budget 2026 में सरकार EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश कर सकती है. अगर चार्जिंग स्टेशन तेजी से बढ़ते हैं, तो लोग बिना डर के लंबी दूरी की यात्रा भी EV से कर सकेंगे.

बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और GST पर मिल सकती है राहत

  • देश में टाटा, महिंद्रा, ओला, एथर और मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां लोकल EV और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग पर काम कर रही हैं, लेकिन बैटरी प्लांट लगाना महंगा सौदा है. उम्मीद है कि Budget 2026 में सरकार घरेलू बैटरी निर्माण और रीसाइक्लिंग के लिए नए इंसेंटिव दे सकती है. साथ ही EV स्पेयर पार्ट्स और कच्चे माल पर लगने वाले 18 प्रतिशत GST को कम करने की मांग भी जोर पकड़ रही है. अगर GST घटता है, तो EV की कीमतें और सस्ती हो सकती हैं.
  • कुल मिलाकर Budget 2026 EV सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है. सब्सिडी, चार्जिंग स्टेशन, लोकल मैन्युफैक्चरिंग और GST में राहत से इलेक्ट्रिक व्हीकल आम लोगों के लिए ज्यादा किफायती और भरोसेमंद बन सकते हैं.

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