कार या बाइक के टायर वाहन की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं. सड़क पर गाड़ी की पकड़, ब्रेक लगाने की क्षमता और खराब रास्तों पर संतुलन काफी हद तक टायर की स्थिति पर निर्भर करता है. ऐसे में जब नया टायर खरीदने की बात आती है, तो उसकी असलियत पहचानना जरूरी हो जाता है. खासकर सेकेंड हैंड टायर खरीदते समय यह सवाल उठता है कि टायर असली है या उस पर दोबारा रबर चढ़ाकर इस्तेमाल के लायक बनाया गया है.

Continues below advertisement

बाजार में कुछ पुराने टायरों को दोबारा इस्तेमाल करने के लिए री-ट्रेड किया जाता है. इस प्रोसेस में टायर के घिसे हुए ट्रेड यानी सड़क के संपर्क में आने वाले हिस्से पर नई रबर की परत लगाई जाती है. इससे टायर का बाहरी हिस्सा काफी हद तक नया दिखाई देने लगता है. ऐसे में टायर की गुणवत्ता, मैन्युफैक्चरिंग और इस्तेमाल की स्थिति महत्वपूर्ण होती है. आइए जानते हैं कि टायर की पहचान किन तरीकों से की जा सकती है.

टायर के ट्रेड को ध्यान से देखें

टायर की पहचान करने का एक आसान तरीका उसके ट्रेड पैटर्न को देखना है. नए टायर में ट्रेड का डिजाइन साफ, एकसमान और अच्छी तरह बना हुआ होता है. अगर टायर इस्तेमाल किया हुआ है, तो उसका ट्रेड घिसा हुआ दिखाई दे सकता है. री-ट्रेडेड टायर में कभी-कभी ट्रेड पैटर्न और बाकी सतह के बीच अंतर नजर आ सकता है. हालांकि कुछ री-ट्रेडेड टायरों की फिनिशिंग अच्छी होती है.

Continues below advertisement

टायर के किनारों और जोड़ की जांच करें

टायर के साइडवॉल यानी किनारे वाले हिस्से को ध्यान से देखें. कहीं रबर की परत अलग होती हुई, असामान्य उभार, कट या जोड़ जैसी बनावट देखें. कुछ मामलों में री-ट्रेडिंग के निशान किनारों पर नजर आते हैं. हालांकि हर री-ट्रेडेड टायर पर ऐसे निशान मिलें, यह जरूरी नहीं है. लेकिन किनारों पर निशान न होने का मतलब यह भी नहीं कि टायर नया है. अगर रबर उखड़ रही हो या टायर की बनावट में खराबी दिखाई दे, तो उसे खरीदने से बचें.

यह भी पढ़ें: Land Rover Defender की कीमत में 34 लाख की भारी कटौती, जानें वजह

टायर पर लिखी जानकारी पढ़ें

टायर के साइडवॉल पर कंपनी का नाम, मॉडल, साइज, लोड इंडेक्स और स्पीड रेटिंग जैसी जानकारी दी जाती है. टायर की मैन्युफैक्चरिंग डेट भी आमतौर पर चार अंकों के कोड से पता चलती है. अगर कोड के आखिरी चार अंक 2525 हैं, तो इसका अर्थ है कि टायर का मैन्युफैक्चरिंग वर्ष 2025 के 25वें सप्ताह में हुआ था. टायर पर दी गई जानकारी को निर्माता की आधिकारिक वेबसाइट से मिलाकर देखें. यदि कोई जानकारी गलत, मिटाई हुई लगे, तो विक्रेता से इसकी जानकारी मांगें.

कीमत बहुत कम हो तो सतर्क रहें

अगर कोई दुकानदार नया बताकर टायर सामान्य बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर बेच रहा है, तो सावधान हो जाएं. टायर पुराना, इस्तेमाल किया हुआ, री-ट्रेडेड या किसी कारण से कम कीमत पर बेचा जा रहा हो सकता है. खरीदने से पहले बिल मांगें और यह साफ करवाएं कि टायर नया है या री-ट्रेडेड. यदि टायर पर निर्माता की पहचान या जरूरी जानकारी नहीं मिल रही है, तो केवल कम कीमत देखकर उसे न खरीदें.

यह भी पढ़ें: कम कीमत में ज्यादा सुकून, इन कारों में कम बजट में मिलती है वेंटिलेटेड सीट्स


Car loan Information:

Calculate Car Loan EMI