Renault Hybrid Car India: ऑटोमोबाइल कंपनियां अब बहुत ही आगे बढ़ चुकीं हैं. क्योंकि भारतीय ऑटो मार्केट में अब केवल पेट्रोल, डीजल और सीएनजी ही गाड़ियां नहीं बन रही हैं. अब धीरे-धीरे हाइब्रिड कारों का क्रेज भी तेजी से बढ़ रहा है. बता दें कि, अब तक हाइब्रिड सेगमेंट पर टोयोटा का एकतरफा कब्जा रहा है. लेकिन अब यह गेम पूरी तरह बदलने वाला है. क्योंकि, रेनो और चीन की ऑटो दिग्गज कंपनी जीली का जॉइंट वेंचर हॉर्स पावरट्रेन भारत में करीब 3,500 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने की तैयारी में है. 

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इस तगड़े इन्वेस्टमेंट के जरिए कंपनी भारत में ही स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड इंजनों का लोकल प्रोडक्शन करेगी. इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले दिनों में टोयोटा की मोनोपॉली को बहुत कड़ी टक्कर मिलने वाली है, जिससे ग्राहकों को कम कीमत में बेहतरीन हाइब्रिड गाड़ियां मिलेंगी. चलिए जानतें हैं पूरी खबर क्या है.

डस्टर से होगी हाइब्रिड की शुरुआत

बता दें कि, हॉर्स पावरट्रेन के इस नए हाइब्रिड सेटअप का इस्तेमाल सबसे पहले रेनो की अपकमिंग डस्टर में किया जाएगा. भारत के लिए मुख रूप से 1.8-लीटर का ई-टेक स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन तैयार किया गया है. बता दें कि, रिपोर्ट के मुताबिक इस हाइब्रिड डस्टर को भारतीय बाजार में जल्द ही उतारा जा सकता है. यह कार सिटी ट्रैफिक में 80% तक इलेक्ट्रिक मोड पर चल सकती है. जिससे इसका माइलेज काफी शानदार और जेब पर भी उतना असर नहीं पड़ेगा. 

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टोयोटा की बढ़ेगी टेंशन

जानकारी के लिए बता दें कि, यह पूरा प्रोजेक्ट रेनो के चेन्नई वाले प्लांट में फेज-वाइज शुरू किया जाएगा. स्थानीय स्तर पर इंजन और पार्ट्स बनने की वजह से गाड़ियों की लागत काफी कम हो जाएगी. जिससे रेनो और निसान अपनी आने वाली एसयूवी को बेहद आक्रामक कीमत पर लॉन्च कर सकेंगी. 

फिलहाल भारतीय बाजार में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों के मामले में टोयोटा और मारुति का दबदबा है, लेकिन रेनो की इस देसी हाइब्रिड मैन्युफैक्चरिंग से आने वाले समय में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है.

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