अगर आप बिना रजिस्ट्रेशन के सड़क पर गाड़ी चलाते हैं तो उसे सड़क पर चलाना भारी पड़ सकता है. राजस्थान में एक शख्स के साथ ऐसा ही हुआ, जहां नई महिंद्रा एसयूवी खरीदने के कुछ ही समय बाद उसका एक्सीडेंट हो गया. इसके बाद जब उसने इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम मांगा तो कंपनी ने यह कहकर दावा खारिज कर दिया कि हादसे के समय गाड़ी का न तो रजिस्ट्रेशन था और न ही नंबर था. मामला आखिरकार उपभोक्ता आयोग पहुंचा, जहां डीलर और खरीदार दोनों की जिम्मेदारी तय की गई. 

Continues below advertisement

श्रवण नाम के शख्स ने एक डीलर से करीब 7 लाख रुपये में महिंद्रा की एक एसयूवी खरीदी थी. गाड़ी की डिलीवरी लेने के बाद शख्स अपने घर लौट रहा था. लेकिन रास्ते में नई गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया, जिससे गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हालांकि इस हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इसके बाद एक नई बहस शुरू हो गई. 

क्या है पूरा मामला?

हादसे के बाद श्रवण ने अपनी गाड़ी के नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कंपनी में क्लेम किया. लेकिन बीमा कंपनी ने साफ इनकार कर दिया. कंपनी का कहना था कि जिस समय एक्सीडेंट हुआ, उस समय गाड़ी के पास न तो परमानेंट रजिस्ट्रेशन नंबर था और न ही टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन था. बिना रजिस्ट्रेशन के कार को सड़क पर चलाना मोटर वाहन कानून का उल्लंघन है. इसलिए बीमा पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक, क्लेम मंजूर नहीं किया जा सकता. रिपोर्ट के मुताबिक, गाड़ी की मरम्मत पर 8.38 लाख रुपये का खर्च आ रहा था, जबकि गाड़ी का बीमा केवल 6.15 लाख रुपये का था.

Continues below advertisement

कोर्ट ने क्या कहा?

जब मामला राजस्थान राज्य उपभोक्ता आयोग की सर्किट बेंच में पहुंचा तो आयोग ने डीलर की बड़ी लापरवाही मानी. आयोग ने कहा कि डीलर ने ग्राहक से रजिस्ट्रेशन के पूरे पैसे लेने के बावजूद जरूरी कागजी प्रोसेस पूरी नहीं की और बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के ही गाड़ी की डिलीवरी दे दी. अदालत ने इसे सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 के नियम 42 का स्पष्ट उल्लंघन बताया. गाड़ी डिलीवर करने वाले जयपुर के एक डीलर पर 3 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया है. आयोग ने कहा कि डीलर की यह कानूनी जिम्मेदारी थी कि सभी फॉर्मेलिटीज पूरी होने के बाद ही गाड़ी सड़क पर उतरे. 

आयोग ने खरीदार को भी पूरी तरह निर्दोष नहीं माना. अदालत ने कहा कि ग्राहक की भी जिम्मेदारी थी कि वह यह सुनिश्चित करता कि गाड़ी का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है. बिना रजिस्ट्रेशन की पुष्टि किए कार को सड़क पर चलाना उसकी भी लापरवाही थी. इसी आधार पर आयोग ने दोनों पक्षों की बराबर जिम्मेदारी तय की. 

यह भी पढ़ें:-

Nexon, Dzire या Punch EV, 10 लाख से कम कीमत में कौन-सी कार है सबसे ज्यादा सेफ? 

 

 


Car loan Information:

Calculate Car Loan EMI