Challan After Selling Car: अपने देश में कई लोग जोश-जोश नई कार खरीद लेते हैं लेकिन उसके गाड़ी के खर्चे से तंग आकर गाड़ी बेच देते हैं. लेकिन कार सोल्ड करने के बाद भी आपको कई तरह के दिक्कत का सामना करना पड़ता है. जिसमें सबसे पहला है कार बिकने के बाद भी आपके नाम पर चालान कटना. बता दें कि, अक्सर लोग गाड़ी बेचते समय पैसे लेकर चाबी तो नए मालिक को सौंप देते हैं. लेकिन आरसी ट्रांसफर की कागजी कार्रवाई को अधूरा छोड़ देते हैं. 

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जिसके चलते ऐसा देखा जाता है नतीजा सड़क पर कोई भी ट्रैफिक नियम तोड़ता है. तो हाई-टेक कैमरों से कटा हुआ ई-चालान सीधे पुराने मालिक यानी आपके मोबाइल पर आ जाता है. ऐसी स्थिति में कानूनी रूप से आप ही उस जुर्माने और किसी भी दुर्घटना के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं. अगर आप भी इस तरह की मुसीबत में फंस चुके हैं तो इन जरूरी कानूनी नियमों को जानकर आप इस बड़ी परेशानी से आसानी से बच सकते हैं.

सबसे पहले करें यह काम 

आपको बता दें कि, जब भी आप किसी को अपनी कार या बाइक बेचें तो सबसे पहला और जरूरी काम है डिलीवरी नोट तैयार करवाना. इस नोट पर गाड़ी सौंपने की सटीक तारीख, समय और दोनों पार्टी के सिग्नेचर होने बेहद जरूरी हैं. इसके साथ ही फॉर्म 29 और फॉर्म 30 पर खरीदार के दस्तखत जरूर करवाएं. 

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यदि भविष्य में गाड़ी से कोई एक्सीडेंट होता है या कोई बड़ा चालान कटता है तो यही डिलीवरी नोट और फॉर्म्स कोर्ट या ट्रैफिक पुलिस के सामने यह साबित करने में आपके सबसे बड़े सबूत बनेंगे कि घटना के वक्त गाड़ी आपके पास नहीं थी और आप उसे नहीं चला रहे थे.

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आरटीओ को दें तुरंत जानकारी 

जब भी आप गाड़ी बेंचें तो ध्यान में रखें की मोटर व्हीकल एक्ट के तहत यह आपकी भी जिम्मेदारी है कि वाहन ट्रांसफर होने के 14 दिनों के भीतर अपने क्षेत्रीय आरटीओ को इस बारे में लिखित रूप से सूचित करें. आप आरटीओ ऑफिस में बिक्री के कागजात, डिलीवरी नोट और ट्रांसफर फॉर्म की कॉपी जमा कर इसकी एक रिसीविंग अपने पास सुरक्षित रख लें. 

एक बार आरटीओ के रिकॉर्ड में यह दर्ज हो जाता है कि गाड़ी बिक चुकी है तो सिस्टम में ओनरशिप ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और आपके ऊपर से कानूनी का जोखिम पूरी तरह से कम हो जाती है.

गलत चालान को ऑनलाइन ऐसे करें चैलेंज

बता दें कि, यदि आरसी ट्रांसफर होने से पहले ही आपके नाम पर कोई नया चालान आ गया है तो परेशान होने के बजाय तुरंत यह कदम उठाएं. आप भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं. वहां कंप्लेंट के सेक्शन में जाकर चालान नंबर दर्ज करें. 

इसके बाद अपनी शिकायत दर्ज करते समय स्पष्ट रूप से लिखें कि गाड़ी बेची जा चुकी है और सबूत के तौर पर डिलीवरी नोट, बिक्री रसीद और खरीदार के पहचान पत्र की फोटो अपलोड कर दें. ट्रैफिक विभाग इस शिकायत और सबूतों की जांच करने के बाद उस चालान को आपके नाम से हटाकर नए खरीदार के नाम पर ट्रांसफर कर देता है. इन स्टेप्स से आप ऐसे परेशानी से बच सकते हैं.

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