साल 2026 में सितंबर महीना ऑटोमोबाइल मार्केट के लिए बेहद ही शानदार रहा है. क्योंकि पिछले महीने रिकॉर्ड तोड़ गाड़ियों की बिक्री हुई है. जिसके चलते इस समय इन बातों पर खूब चर्चा हो रही है. लेकिन आज हम इस खबर में बात करेंगे कमर्शियल वाहनों की बंपर रिटेल बिक्री पर. बता दें कि पिछले महीने यानी सितंबर 2026 में कमर्शियल वाहनों की भी बिक्री खूब हुई है.

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वहीं पूरे कमर्शियल व्हीकल बाजार का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा अकेले टाटा मोटर्स, महिंद्रा और अशोक लेलैंड जैसी दिग्गज कंपनियों के पास रहा है. अगर आप भी इस त्योहारी सीजन से पहले कमर्शियल गाड़ियों के बाजार का हाल जानना चाहते हैं तो यह रिपोर्ट आपके लिए बहुत काम की साबित होगी. इस आर्टिकल में हम आपको सितंबर 2026 की बिक्री के पूरे आंकड़े और कंपनियों के प्रदर्शन के बारें में बताएंगे.

टाटा मोटर्स ने मारी बाजी

बता दें कि हमेशा की तरह इस बार भी टाटा मोटर्स ने कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में सभी को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है. सितंबर 2026 में टाटा मोटर्स ने सबसे ज्यादा 35,931 बस और ट्रकों की बिक्री दर्ज की है. जो किसी भी दूसरी कंपनी के मुकाबले सबसे ज्यादा है. सालाना आधार पर टाटा की बिक्री में शानदार 46 प्रतिशत का बड़ा सुधार देखा गया है और भारतीय बाजार में इसकी कुल हिस्सेदारी लगभग 34 प्रतिशत दर्ज की गई है.

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इन कंपनियों की भी रही शानदार ग्रोथ

वहीं सेल्स चार्ट में दूसरे नंबर पर महिंद्रा कंपनी का नाम रहा. जिसने सितंबर महीने में कुल 27,677 बस और ट्रक बेचकर शानदार प्रदर्शन किया. पिछले साल सितंबर के मुकाबले महिंद्रा की बिक्री में 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और बाजार में इसकी हिस्सेदारी लगभग 26 प्रतिशत की रही है.

जबकि तीसरे स्थान पर अशोक लेलैंड रही जिसके सितंबर 2026 के दौरान कुल 19,223 कमर्शियल वाहन बिके. अशोक लेलैंड की बिक्री में सालाना आधार पर 36 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है और कुल बाजार में इसका योगदान करीब 18 प्रतिशत का रहा है.

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बाकी कंपनियों की बिक्री का हाल

इन तीन कंपनियों के अलावा अन्य कंपनियों ने भी सितंबर 2026 में अपनी अच्छी खासी ग्रोथ हासिल की है. जिसमें आयशर और वोल्वो का ज्वॉइंट वेंचर वीईसीवी शामिल है. वीईसीवी ने इस कुल 8,309 यूनिट्स की बिक्री की. जिसमें सालाना आधार पर 25.70 प्रतिशत की ग्रोथ और लगभग 8 प्रतिशत का बाजार शेयर मिला.

जबकि इसके अलावा मारुति सुजुकी ने 4,352 कमर्शियल वाहन बेचकर पांचवां स्थान हासिल किया. जिसकी बिक्री में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. फोर्स मोटर्स ने 2,301 यूनिट्स, डायमलर ने 2,077 यूनिट्स और एसएमएल महिंद्रा ने 1,286 वाहनों की बिक्री दर्ज की. अन्य सभी छोटी-बड़ी कंपनियों को मिलाकर कुल 2,401 कमर्शियल वाहन बिके.

कमर्शियल वाहनों की बढ़ी रफ़्तार

आपको बता दें कि सितंबर महीने में एक लाख से ज्यादा कमर्शियल वाहनों का बिकना इस बात का साफ संकेत है कि देश में आर्थिक गतिविधियों, माल ढुलाई और औद्योगिक विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है. त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले ट्रांसपोर्टर्स और फ्लीट ऑपरेटरों द्वारा नए ट्रकों और बसों की यह खरीदारी आने वाले महीनों में व्यापार के और ज्यादा फलने-फूलने की उम्मीद जगाती है.

डीजल की कीमतों और टोल टैक्स के भारी खर्च के बावजूद कमर्शियल वाहनों की यह रिकॉर्ड बिक्री दर्शाती है कि देश का लॉजिस्टिक्स सेक्टर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है. वहीं कुल मिलाकर टाटा मोटर्स के नेतृत्व में कमर्शियल व्हीकल मार्केट ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है जो ऑटो इंडस्ट्री के लिए बेहद शानदार है.

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