Maruti Baleno NCAP Rating: मारुति बलेनो भारतीय बाजार की सबसे ज्यादा बिकने वाली प्रीमियम हैचबैक है. FY 2025 में इसकी 1.67 लाख यूनिट्स बिक चुकी हैं, लेकिन हाल ही में जब इसे भारत NCAP के तहत क्रैश टेस्ट में परखा गया, तो चौंकाने वाली बात सामने आई. एक ही कार को दो अलग-अलग सेफ्टी रेटिंग (एक 4-स्टार, दूसरी 5-स्टार) दी गई.
एक ही कार, दो रेटिंग?
मारुति बलेनो को भारत NCAP में दो अलग-अलग सेफ्टी रेटिंग इसलिए मिलीं, क्योंकि इसके अलग-अलग वेरिएंट्स का टेस्ट किया गया था. बेस वेरिएंट जैसे Sigma और Delta में केवल दो एयरबैग्स दिए जाते हैं, जिसकी वजह से इन्हें 4-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई. वहीं टॉप वेरिएंट्स जैसे Zeta और Alpha में छह एयरबैग्स (ड्यूल फ्रंट, साइड और करटेन) दिए गए हैं, जिससे इन्हें 5-स्टार रेटिंग मिली.
NCAP टेस्टिंग के तीन बड़े मानक
भारत NCAP क्रैश टेस्टिंग तीन प्रमुख मानकों (AOP (वयस्क यात्रियों की सुरक्षा), COP (बच्चों की सुरक्षा) और सेफ्टी असिस्ट टेक्नोलॉजी जैसे ESC, सीट बेल्ट रिमाइंडर और स्पीड अलर्ट सिस्टम.) पर आधारित होती है.
टेस्टिंग में कौन से इम्पैक्ट शामिल थे?
टेस्टिंग में तीन प्रकार के इम्पैक्ट शामिल थे – 64 किमी/घंटा पर फ्रंटल ऑफसेट क्रैश, 50 किमी/घंटा पर साइड इम्पैक्ट और 29 किमी/घंटा पर साइड पोल इम्पैक्ट. खासकर साइड इम्पैक्ट टेस्ट में Zeta और Alpha वेरिएंट्स ने बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि उनमें साइड और करटेन एयरबैग्स मौजूद थे.
इसका मतलब आपके लिए यह है कि यदि आप केवल कीमत देखकर बेस वेरिएंट खरीदते हैं, तो आपको कम एयरबैग मिलते हैं और सुरक्षा स्तर कम होता है. वहीं Zeta या Alpha जैसे टॉप वेरिएंट में छह एयरबैग्स के साथ सुरक्षा का स्तर अधिक यानी 5-स्टार हो जाता है.
कैसा है सेफ्टी फीचर्स ?
सभी वेरिएंट्स में ESC, Pedestrian Safety System, सीट बेल्ट रिमाइंडर, ABS+EBD और स्पीड अलर्ट जैसे सेफ्टी फीचर्स स्टैंडर्ड दिए गए हैं, जिससे बेस मॉडल भी एक सुरक्षित विकल्प बनता है. इसलिए कार खरीदते समय केवल मॉडल नहीं, बल्कि वेरिएंट और उसमें दिए गए सेफ्टी फीचर्स को भी जरूर ध्यान में रखें.
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