Tata Sierra EV vs Petrol-Diesel: भारत में अभी पिछले कुछ सालों से सड़कों पर एसयूवी का क्रेज बढ़ा है. जिसके चलते अब ऑटोमोबाइल कंपनियां भी मार्केट में एक से बढ़कर एक एसयूवी उतार रही हैं. अभी हाल ही में टाटा मोटर्स ने अपनी एक दमदार इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च की है. 30 जून को भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में इलेक्ट्रिक सिएरा लॉन्च की गई है. जिसके बाद से अब इलेक्ट्रिक सिएरा की जमकर चर्चा चल रही है.
लेकिन आज हम बात करेंगे कि अगर आप टाटा सिएरा खरीदना चाहतें हैं तो आपको इसका कौन सा वैरिएंट लेना चाहिए. बता दें कि, मार्केट में सिएरा पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक वैरिएंट में मौजूद है. तो चलिए समझते हैं कौन सा वैरिएंट आपके लिए सही रहेगा आसान भाषा में.
बनावट में है बड़ा अंतर
बता दें कि, टाटा सिएरा ईवी और इसके पेट्रोल-डीजल मॉडल में सबसे बड़ा तकनीकी अंतर उस प्लेटफॉर्म का है जिस पर इन्हें बनाया गया है. टाटा सिएरा ईवी को कंपनी ने अपने बिल्कुल नए और एडवांस जेनरेशन-2 acti.ev मॉडल पर बनाया है. जिसे खास तौर पर सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है.
जबकि सिएरा का पेट्रोल और डीजल मॉडल कंपनी के अल्फा या ओमेगा बेस्ड मॉडल पर तैयार किया गया है जो कंबशन इंजनों के लिए बना है. बता दें कि प्लेटफॉर्म अलग होने की वजह से दोनों गाड़ियों की राइड क्वालिटी, बैलेंस और केबिन स्पेस में कई अंतर है.
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पावर, परफॉर्मेंस का असली खेल
आपको अपनी कार से एडवेंचर करना या पहाडों पर चलाना पसंद है तो यहां सिएरा इलेक्ट्रिक आगे निकल जायेगी. क्योंकि सिएरा ईवी का टॉप-एंड वेरिएंट ड्यूल मोटर और ऑल-व्हील ड्राइव सेटअप के साथ आता है. जो 504Nm का शानदार टॉर्क पैदा करता है और खराब रास्तों पर भी कमाल का ग्रिप देता है.
वहीं दूसरी तरफ, बात करें इसके पेट्रोल और डीजल मॉडल की तो इनके मॉडल फ्रंट-व्हील ड्राइव के साथ आता है. जिसमें इंजन की ताकत सिर्फ आगे के पहियों को मिलती है. लेकिन पेट्रोल का 1.5-लीटर टर्बो इंजन और डीजल इंजन शहर और हाईवे के लिए बेहद स्मूथ और रिफाइंड हैं लेकिन वे ईवी जैसी रॉ-पावर नहीं दे पाते हैं.
लुक्स और डिजाइन मामूली बदलाव
इलेक्ट्रिक सिएरा लॉन्च के बाद अगर दोनों गाड़ियां के लुक को देखा जाये तो यह एक जैसी मस्कुलर और फ्यूचरिस्टिक लगती हैं. लेकिन ध्यान से देखा जाये तो अंतर समझ आता है. सिएरा ईवी के फ्रंट में आपको एक क्लोज्ड ग्रिल और एक स्लीक कनेक्टेड एलईडी लाइट बार मिलता है जो इसे बेहद मॉडर्न लुक देता है.
वहीं पेट्रोल-डीजल मॉडल में इंजन को कूल रखने के लिए आगे की तरफ एक ट्रेडिशनल एयर वेंट और ग्रिल दी गई है. इसके अलावा दोनों मॉडल्स के अलॉय व्हील्स का डिजाइन बिल्कुल अलग है और ईवी वेरिएंट पर आपको जगह-जगह EV की खास बैजिंग भी देखने को मिलती है.
केबिन के अंदर मिलने वाली हाई-टेक सुविधाएं
बता दें कि, टाटा सिएरा कार के अंदर कदम रखते ही आपको फीचर्स का बड़ा अंतर दिखेगा. सिएरा ईवी में ट्रिपल-स्क्रीन लेआउट, वी2एल तकनीक जिससे आप कार से घर के उपकरण चला सकते हैं और एडवांस 540-डिग्री कैमरा दिया गया है. इसके अलावा इसमें फ्रंट स्टोरेज के लिए फ्रंक भी मिलता है.
वहीं पेट्रोल-डीजल मॉडल का इंटीरियर भी काफी प्रीमियम है जिसमें पैनोरमिक सनरूफ और वेंटिलेटेड सीट्स जैसी सभी लग्जरी चीजें मौजूद हैं. लेकिन इसमें ईवी वाले कुछ बेहद एडवांस टेक फीचर्स गायब हैं. लेकिन बिना चार्जिंग की टेंशन के लंबी दूरी तय करने के मामले में पेट्रोल-डीजल आज भी इलेक्ट्रिक गाड़ियों से बिकने के मामले में आगे हैं.
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