EV Charging: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक कार और स्कूटर खरीदने का प्लान बना रहे हैं. हालांकि, ईवी खरीदने से पहले ज्यादातर लोगों का पूरा ध्यान सिर्फ गाड़ी की कीमत, रेंज और फीचर्स पर रहता है, जबकि सबसे अहम सवाल यह होना चाहिए कि क्या आपका घर उस गाड़ी को सुरक्षित तरीके से चार्ज करने के लिए तैयार है या नहीं?

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अगर घर में सही चार्जिंग व्यवस्था नहीं है तो रोजाना चार्जिंग करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आपका घर ईवी चार्जिंग के लिए फिट है या नहीं, कार खरीदने से पहले आप कैसे चेक कर सकते हैं. 

पहले पार्किंग और बिजली की उपलब्धता देखें 

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घर पर ईवी चार्जिंग के लिए सबसे जरूरी चीज एक तय पार्किंग स्पेस है. अगर आपके पास ऐसी जगह है, जहां वाहन रोजाना खड़ा होता है और वहां तक बिजली कनेक्शन आसानी से पहुंच सकता है तो चार्जिंग सेटअप लगाना आसान रहेगा. ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर और शुरुआती स्तर की कई इलेक्ट्रिक कारों को 15 एम्पीयर के सामान्य सॉकेट से चार्ज किया जा सकता है, लेकिन यह सॉकेट वाहन के करीब होना चाहिए और सुरक्षित तरीके से लगाया गया हो. अगर आपकी पार्किंग सड़क किनारे या घर से काफी दूर है, तो चार्जिंग की व्यवस्था करना महंगा और मुश्किल हो सकता है. 

लेवल 1 और लेवल 2 चार्जर का अंतर 

हर इलेक्ट्रिक वाहन के साथ एक बेसिक लेवल 1 चार्जर मिलता है, जिसे सामान्य 120v या घरेलू बिजली के सॉकेट से इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, इसकी सबसे बड़ी कमी चार्जिंग स्पीड है, यह बैटरी को पूरी तरह चार्ज करने में काफी समय लेता है और कई बार खाली बैटरी को फुल चार्ज होने में 24 घंटे से ज्यादा समय लग सकता है. इसी वजह से कई ईवी मालिक घर पर लेवल 2 चार्जर लगवाना पसंद करते हैं. यह 240v सपोर्ट पर काम करता है और सामान्य चार्ज की तुलना में काफी तेजी से वाहन चार्ज कर सकता है. इसके लिए अलग सर्किट और इलेक्ट्रिशियन की मदद की जरूरत पड़ती है. 

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घर की वायरिंग और बिजली लोड चेक करें 

ईवी चार्जिंग शुरू करने से पहले यह देखना जरूरी है कि घर की वायरिंग अच्छी स्थिति में है या नहीं. पुरानी या कमजोर वायरिंग लंबे समय तक लगातार चार्जिंग का दबाव नहीं झेल पाती और इससे सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं. इसके साथ ही घर के बिजली कनेक्शन की लोड क्षमता भी जरूरी होती है. इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने से बिजली की एक्स्ट्रा खपत होती है. अगर आप नियमित रूप से कार चार्ज करेंगे या फास्ट चार्जर लगवाने की योजना बना रहे हैं, तो स्थानीय बिजली विभाग से बिजली का स्वीकृत लोड बढ़वाने की जरूरत पड़ सकती है.

ब्रेकर बॉक्स भी जांचें 

चार्जिंग सेटअप लगाने से पहले घर के ब्रेकर बॉक्स की भी जांच की जा सकती है. अगर उसमें नए ब्रेकर लगाने के लिए खाली स्लॉट उपलब्ध है, तो चार्जिंग सिस्टम लगाना आसान हो सकता है. वहीं कई आधुनिक ब्रेकर बॉक्स में डबल ब्रेकर लगाने की सुविधा भी होती है, जिससे सीमित जगह में भी नया सर्किट जोड़ा जा सकता है. हालांकि इसकी जांच और इंस्टॉलेशन लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रीशियन से ही करवाना चाहिए. 

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