Indian Railways Train Engine Colour : रेल यात्रा के दौरान ज्यादातर लोगों का ध्यान ट्रेन की बोगियों, सीट या सफर पर होता है, लेकिन बहुत कम लोग इंजन के रंग पर ध्यान देते हैं. वहीं जो लोग इन रंगो पर ध्यान देते हैं वह अक्सर इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि इनके रंग अलग क्यों होते हैं या इनका असली मतलब क्या है. दरअसल भारतीय रेलवे में इंजन का रंग सिर्फ उसकी पहचान नहीं होता, बल्कि उससे यह भी पता चलता है कि वह किस तरह की ट्रेन या किस काम के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि इंजन के रंग से कौन सी बातें पता चलती हैं. 

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अलग-अलग रंग के क्यों होते हैं ट्रेन के इंजन?

भारतीय रेलवे में इंजन अलग-अलग रंगों में इसलिए दिखाई देते हैं जिससे उन्हें आसानी से पहचाना जा सके. इंजन का रंग देखकर यह समझा जा सकता है कि वह किस तरह की ट्रेन खींच रहा है या उसका यूज किस काम के लिए किया जा रहा है.

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इंजन के रंग से कौन सी बातें पता चलती हैं?

1. लाल रंग का इंजन - अगर आपको किसी ट्रेन में लाल रंग का इंजन दिखाई दे, तो समझिए कि वह आमतौर पर पैसेंजर, मेल या मेल एक्सप्रेस ट्रेन के साथ लगाया जाता है. लाल रंग का इंजन सामान्य श्रेणी की ट्रेनों को खींचने का काम करता है. 

2.  नीले रंग का इंजन - नीले रंग का इंजन आमतौर पर सुपरफास्ट, राजधानी और दूरंतो जैसी तेज रफ्तार और प्रीमियम ट्रेनों में इस्तेमाल किया जाता है. अगर किसी ट्रेन में नीला इंजन लगा है, तो यह उसकी तेज गति वाली श्रेणी की पहचान माना जाता है. 

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3. सफेद रंग का इंजन - सफेद रंग का इंजन इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव होता है. ये इंजन बिजली से चलते हैं और इन्हें ज्यादा शक्तिशाली माना जाता है. 

4. पीले रंग का इंजन - पीले रंग के इंजन का इस्तेमाल यात्रियों को ले जाने वाली ट्रेनों में नहीं किया जाता है. इन इंजनों का यूज रेलवे ट्रैक की मरम्मत, रखरखाव और निरीक्षण जैसे कामों के लिए किया जाता ह.  जहां रेलवे लाइन पर मेंटेनेंस का काम चल रहा होता है, वहां अक्सर ऐसे इंजन देखने को मिलते हैं. 

इंजन का रंग देखकर क्या पता लगाया जा सकता है?

भारतीय रेलवे में इंजन का रंग देखकर यह समझा जा सकता है कि वह सामान्य पैसेंजर या मेल ट्रेन के साथ है, सुपरफास्ट ट्रेन खींच रहा है, इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव है या फिर ट्रैक के रखरखाव और निरीक्षण के काम में लगाया गया है.  इंजन का रंग उसके काम और यूज की जानकारी देता है. 

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