Made in India Cars Global Hub: भारत अब धीरे-धीरे ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में अपनी धाक जमा चुका है. क्योंकि, अब कई विदेशी कंपनियां भारत के साथ मिलकर काम कर रही हैं. एक समय था जब भारत को दूसरे देशों पर इंपोर्ट के लिए निर्भर रहना पड़ता था. लेकिन अब समय बदल चुका है क्योंकि दुनिया भर की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियों की नजरें अब भारत पर टिकी हैं.
बता दें कि, आज 'मेड इन इंडिया' कारों का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है. भारत अब हर साल करीबन 50 लाख से ज्यादा गाड़ियों का प्रोडक्शन कर रहा है. तो चलिए जानतें हैं कि कैसे भारत ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का नया बादशाह बन रहा है.
भारत कर रही कारों का बंपर प्रोडक्शन
आपको अगर नहीं पता है तो आपको बता दें कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल मार्केट बन चुका है. जबकि हर साल 5.2 मिलियन से अधिक गाड़ियों बनाना यह साबित करता है कि हमारी फैक्ट्रियों की ताकत कितनी बढ़ चुकी है.
अब भारत द्वारा बनाई गईं कारें न सिर्फ हमारे देश की सड़कों पर दौड़ रही हैं बल्कि इन्हें लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, यूरोप और मिडिल ईस्ट जैसे देशों में जमकर एक्सपोर्ट भी किया जा रहा है. विदेशी ग्राहक भारतीय कारों की मजबूती और उनकी किफायती कीमत के दीवाने हो चुके हैं जिससे देश का एक्सपोर्ट बिजनेस रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.
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बड़े ब्रांड्स क्यों जता रहे भारत पर भरोसा?
बता दें कि, अब कई विदेशी कंपनियां भारत पर भरोशा जता रही हैं. ग्लोबल कंपनियों के भारत पर दांव लगाने के पीछे कई ठोस वजहें हैं. पहली वजह है यहां मिलने वाला टैलेंटेड और किफायती वर्कफोर्स. जबकि इसके अलावा भारत सरकार की पीएलआई स्कीम और मेक इन इंडिया नीति ने विदेशी निवेश को बहुत आसान बना दिया है.
कंपनियों को अब समझ आ गया है कि भारत में गाड़ी बनाकर दुनिया भर में बेचना उनके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद सौदा है. मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां तो अब अपनी पहली ग्लोबल इलेक्ट्रिक कार का प्रोडक्शन भी पूरी तरह भारत में ही कर रही हैं.
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