Rain Sensing Wiper: बारिश के मौसम में कार चलाते समय सबसे ज्यादा जरूरत साफ विजिबिलिटी की होती है. ऐसे में बार बार वाइपर ऑन ऑफ करना या उसकी स्पीड बदलना कई बार परेशानी बन जाता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए आज कई आधुनिक कारों में रेन सेंसिंग वाइपर फीचर दिया जा रहा है. यह तकनीक अपने आप बारिश की बूंदों को पहचानती है, और उसी के अनुसार वाइपर की स्पीड कंट्रोल कर देती है. आइए जानते हैं कि यह सिस्टम कैसे काम करता है और इसके क्या फायदे है?

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लगा होता है खास सेंसर

रेन सेंसिंग वाइपर सिस्टम का सबसे अहम  हिस्सा उसका सेंसर होता है. यह सेंसर आमतौर पर कार के फ्रंट विंडशील्ड पर रियर व्यू मिरर के पीछे लगाया जाता है. इसका काम लगातार शीशे की सतह पर नजर रखना और यह पता लगाना होता है, कि शीशे पर पानी की बूंदें आई हैं या नहीं.

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कैसे करता है बारिश की पहचान

इस सिस्टम में इन्फ्रारेड  लाइट का इस्तेमाल किया जाता है. सेंसर विंडशील्ड पर इन्फ्रारेड किरणें भेजता है. जब शीशा पूरी तरह सूखा होता है, तो ये किरणें सामान्य तरीके से वापस सेंसर तक लौट आती हैं. लेकिन जैसे ही बारिश की बूंदें शीशे पर गिरती हैं, रोशनी का रिफ्लेक्शन बदल जाता है. सेंसर इस बदलाव को तुरंत पहचान लेता है, और समझ जाता है कि बारिश शुरू हो गई है.

कैसे  मिलता है सिग्नल

बारिश का पता चलते ही सेंसर कार के इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट को सिग्नल भेजता है. इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिटवाइपर मोटर को सक्रिय कर देता है. अगर हल्की बारिश होती है तो वाइपर धीमी गति से चलता है, जबकि तेज बारिश होने पर उसकी स्पीड अपने आप बढ़ जाती है. बारिश रुकने पर वाइपर भी अपने आप बंद हो जाता है.

 सुविधा बढ़ाता है यह फीचर

रेन सेंसिंग वाइपर का सबसे बड़ा फायदा यह है, कि ड्राइवर को वाइपर की सेटिंग बार बार बदलने की जरूरत नहीं पड़तीहै. इससे ड्राइवर का पूरा ध्यान सड़क पर बना रहता है, और ड्राइविंग ज्यादा सुरक्षित हो जाती है. खासकर हाईवे और भारी बारिश के दौरान यह फीचर काफी फायदेमंद  साबित होता है.

इन कारों में मिल रहा है फीचर

पहले रेन सेंसिंग वाइपर केवल लग्जरी कारों तक सीमित था, लेकिन अब कई प्रीमियम हैचबैक, एसयूवी और सेडान में भी यह फीचर मिलने लगा है. अलग अलग कंपनियां अपने मॉडल के हिसाब से इस तकनीक को अलग तरीके से इस्तेमाल करती हैं.

 सफाई भी है जरूरी

अगर विंडशील्ड पर ज्यादा धूल, मिट्टी या गंदगी जमा हो जाए या सेंसर के सामने कोई स्टिकर लगा हो, तो रेन सेंसिंग वाइपर सही तरीके से काम नहीं कर पाएगा.  इसलिए समय समय पर विंडशील्ड और सेंसर की सफाई करना जरूरी है. अगर सिस्टम सही सिग्नल नहीं दे रहा है, तो सर्विस सेंटर में इसकी जांच करानी चाहिए.

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