Hydro Test: अगर आपकी गाड़ी CNG से चलती है तो सिर्फ सर्विस और इंजन की जांच कराना ही जरूरी नहीं है, बल्कि CNG सिलेंडर की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए. सिलेंडर में गैस बहुत ज्यादा दबाव पर भरी होती है, इसलिए समय-समय पर इसकी जांच कराना जरूरी होता है. इसके लिए हाइड्रो टेस्ट किया जाता है. इस टेस्ट में सिलेंडर की मजबूती और उसकी हालत को जांचा जाता है. अगर आप भी CNG कार चलाते हैं और आपको नहीं पता कि सिलेंडर का टेस्ट कब और कैसे कराया जाता है, तो आइए आसान भाषा में पूरी जानकारी जानते हैं.
CNG सिलेंडर का टेस्ट क्यों जरूरी है
CNG सिलेंडर लगातार दबाव में रहता है. लंबे समय तक इस्तेमाल होने के बाद सिलेंडर की मजबूती प्रभावित हो सकती है. ऐसे में समय पर टेस्ट कराने से पता चल जाता है कि सिलेंडर इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है या नहीं। जांच के दौरान सिलेंडर में किसी तरह की खराबी, लीकेज या दूसरी समस्या को देखा जाता है.
इसे हाइड्रो टेस्ट क्यों कहते हैं
इस जांच में सिलेंडर की क्षमता को पानी और दबाव की मदद से परखा जाता है. इसी वजह से इसे हाइड्रो टेस्ट या हाइड्रोस्टेटिक टेस्ट कहा जाता है. टेस्ट के दौरान सिलेंडर को तय प्रक्रिया के अनुसार जांचा जाता है. अगर सिलेंडर जांच में सही पाया जाता है तो उसके टेस्ट की जानकारी दर्ज कर दी जाती है.
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कितने समय में कराना होता है टेस्ट
CNG सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग तय समय के बाद दोबारा करानी होती है. आमतौर पर वाहन मालिकों को सिलेंडर पर लगी टेस्ट प्लेट या मार्किंग देखकर अगली टेस्ट तारीख की जानकारी मिल सकती है. इसलिए तारीख का ध्यान रखना जरूरी है और समय पूरा होने से पहले ही जांच करा लेनी चाहिए.
कहां कराएं CNG सिलेंडर की जांच
यह टेस्ट किसी सामान्य गैराज में नहीं कराया जाना चाहिए. इसके लिए अधिकृत टेस्टिंग सेंटर पर जाना बेहतर है. वहां सिलेंडर को तय सुरक्षा प्रक्रिया के अनुसार जांचा जाता है. सेंटर पर जाने से पहले यह जरूर पता कर लें कि वहां CNG सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग की सुविधा और जरूरी अनुमति मौजूद है.
कितने रुपये लग सकते हैं
CNG सिलेंडर की टेस्टिंग का खर्च हर जगह एक जैसा नहीं होता. यह सेंटर, सिलेंडर और वाहन के हिसाब से अलग हो सकता है. आम तौर पर इसकी कीमत करीब 1500 से 3000 रुपये के बीच हो सकती है. सही शुल्क जानने के लिए अपने नजदीकी अधिकृत टेस्टिंग सेंटर से पहले जानकारी लेना बेहतर रहेगा.
टेस्ट की तारीख भूलें नहीं
CNG सिलेंडर की टेस्टिंग को सिर्फ एक कागजी प्रक्रिया समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर टेस्ट कराने से सिलेंडर की सुरक्षा की स्थिति का पता चलता है और आगे CNG भरवाने या वाहन चलाने में होने वाली परेशानी से भी बचा जा सकता है. इसलिए अपनी कार के सिलेंडर पर दर्ज टेस्ट की तारीख जरूर देखें और समय आने पर उसकी जांच करा लें.
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