भारतीय बॉक्सिंग के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाले हैवीवेट बॉक्सर नरेंद्र बरवाल के लिए साल 2026 बेहद खास बन गया है. 90 प्लस किलोग्राम कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले नरेंद्र बरवाल का नाम इस साल के अर्जुन अवॉर्ड के लिए चयनित किया गया है. करीब 18 साल की कड़ी मेहनत के बाद मिले इस सम्मान को लेकर नरेंद्र बेहद खुश हैं.

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अर्जुन अवॉर्ड के लिए चयन के अलावा नरेंद्र बरवाल ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात, पाकिस्तान के बॉक्सर के खिलाफ मुकाबलों, कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में मिली हार, बॉक्सिंग में अपने सफर और आने वाले एशियन गेम्स की तैयारियों को लेकर ABP News ने नरेंद्र बरवाल से खास बातचीत की. पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश:

सवाल: नरेंद्र, आपका नाम इस साल के अर्जुन अवॉर्ड के लिए चयनित हुआ है. यह खबर सुनकर कैसा लग रहा है?

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नरेंद्र बरवाल: बहुत-बहुत धन्यवाद आपका. 18 साल तक मैंने मेहनत की. अलग-अलग टूर्नामेंट्स और अलग-अलग गेम्स में भारत का नाम रोशन करने की कोशिश की. ऐसा लग रहा है कि उस मेहनत का आज मुझे फल मिल गया है. मैं अपने आपको काफी ज्यादा खुश महसूस कर रहा हूं कि मेरा नाम अर्जुन अवॉर्ड के लिए सिलेक्ट हुआ है.

सवाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आपकी मुलाकात भी काफी चर्चा में रही. उस मुलाकात को आप किस तरह देखते हैं?

नरेंद्र बरवाल: एशियन गेम्स के बाद भी मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से मिला था, लेकिन तब ठीक से बात नहीं हो पाई थी. इस बार वन-टू-वन बात हुई. मैंने मोदी जी को पाकिस्तान के बॉक्सर का एक किस्सा भी सुनाया कि कैसे पाकिस्तानी बॉक्सर नरेंद्र नाम से डरते हैं. यह सुनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी हंसने लगे.

उन्होंने हमारा खूब हौसला बढ़ाया. कॉमनवेल्थ गेम्स में जिन भी खिलाड़ियों ने सफलता हासिल की थी, प्रधानमंत्री जी ने सभी को बधाई दी. वह भारतीय एथलीट्स की सफलता से काफी ज्यादा खुश नजर आए.

सवाल: तो पाकिस्तान के बॉक्सर को हराने में आपको बहुत मजा आता है?

नरेंद्र बरवाल: देखिए, पाकिस्तान के साथ यही रहता है कि हारना नहीं है, इनके खिलाफ तो जीतना ही जीतना है. वैसे भी मैं इंडियन आर्मी से हूं, तो पाकिस्तान को हराना तो बनता ही है. इसलिए जब भी पाकिस्तानी बॉक्सर सामने आता है, दिमाग में बस यही रहता है कि उसको हराना ही हराना है.

सवाल: कॉमनवेल्थ गेम्स में आपने सिल्वर मेडल हासिल किया. फाइनल में कहां चूक रह गई?

नरेंद्र बरवाल: इंडिया में जो साउथपॉ बॉक्सर हैं, यानी बाएं हाथ से बॉक्सिंग करने वाले मुक्केबाज, वो थोड़े कम मिलते हैं. इसलिए उस हिसाब से हमारी ट्रेनिंग भी ज्यादा नहीं हो पाती है. कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में इंग्लैंड का जो बॉक्सर मिला था, वह साउथपॉ था. उसकी वजह से थोड़ी कठिनाई हुई. लेकिन अब एशियन गेम्स आ रहे हैं, इसलिए साउथपॉ बॉक्सर्स के हिसाब से भी तैयारी की जाएगी और ट्रेनिंग में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.

सवाल: बॉक्सिंग की तरफ आपका रुझान आखिर कैसे बढ़ा?

नरेंद्र बरवाल: मेरी हाइट ज्यादा थी, तो घरवालों ने कहा कि बास्केटबॉल खेलो. लेकिन पता नहीं मेरे दिमाग में क्या आया, मैंने कहा कि नहीं-नहीं, मैं तो बॉक्सिंग खेलूंगा. उस समय विजेंदर सिंह का बड़ा नाम था. उन्होंने ओलंपिक में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था. बस वहीं से मेरा सफर शुरू हुआ. मैं भिवानी गया और वहां से ट्रेनिंग शुरू की. धीरे-धीरे बॉक्सिंग में इंटरेस्ट आने लगा. फिर जो इंटरेस्ट था, वो पैशन में बदल गया. उसके बाद मैंने नेशनल लेवल पर और फिर इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व करना शुरू किया. उसका रिजल्ट आज आपके सामने है.

सवाल: अब सितंबर में एशियन गेम्स होने हैं. वहां से आपकी और भारतीय बॉक्सिंग टीम की क्या उम्मीदें हैं?

नरेंद्र बरवाल: एशियन गेम्स में सभी बॉक्सर अच्छी परफॉर्मेंस देंगे और मैं भी बहुत अच्छी परफॉर्मेंस करूंगा. अभी NIS पटियाला में हमारी ट्रेनिंग चल रही है. कॉमनवेल्थ गेम्स में हमने सात गोल्ड मेडल जीते थे. अब एशियन गेम्स में भी हमें उसी तरह की परफॉर्मेंस को बरकरार रखना है।.हमारी कोशिश होगी कि भारत के लिए ज्यादा से ज्यादा मेडल जीतें.

सवाल: एशियन गेम्स में किन देशों के बॉक्सर्स से भारतीय पुरुष बॉक्सर्स को सबसे कड़ी टक्कर मिल सकती है?

नरेंद्र बरवाल: पुरुष वर्ग की बात करें तो कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के बॉक्सर्स से हमें कड़ी टक्कर मिल सकती है. खासकर उज्बेकिस्तान में काफी सारे बॉक्सर साउथपॉ भी हैं. इसलिए हमें उस हिसाब से तैयारी करनी होगी और साउथपॉ बॉक्सर्स के खिलाफ ट्रेनिंग पर भी काफी फोकस करना होगा.

सवाल: महिला बॉक्सर्स की बात करें तो किन देशों से भारत को चुनौती मिल सकती है?

नरेंद्र बरवाल: महिला वर्ग में चीन और चाइनीज ताइपे की बॉक्सर्स भारतीय महिला बॉक्सर्स को कड़ी टक्कर दे सकती हैं। वहां की बॉक्सर्स काफी अच्छी हैं, इसलिए एशियन गेम्स में मुकाबला कड़ा रहेगा.

सवाल: अर्जुन अवॉर्ड और कॉमनवेल्थ मेडल के बाद अब अगला लक्ष्य क्या है?

नरेंद्र बरवाल: अभी पूरा फोकस एशियन गेम्स पर है. देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना है और मेडल जीतना है. मेरी कोशिश रहेगी कि जिस तरह मैंने अब तक मेहनत की है, उसी तरह आगे भी मेहनत करता रहूं और भारत का नाम रोशन करता रहूं.