भारत में अब हर तरफ हाईवे और एक्सप्रेसवे बन गए हैं. जिसके चलते अब सफर बेहद आसान हो गया है. एक्सप्रेसवे और हाईवे पर अब अपनी कार से सफर करना बेहद ही आसान और आरामदायक हो गया है. इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI ने हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों की सुविधा के लिए 1033 इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

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यह एक टोल-फ्री नंबर है जो 24 घंटे काम करता है और किसी भी दुर्घटना, गाड़ी खराब होने या मेडिकल मदद की स्थिति में तुरंत एंबुलेंस या क्रेन की सुविधा देता है. आज इस खबर में हम आपको बताएंगे कि जब अगर 1033 डायल करने पर रिस्पॉन्स न मिले या कॉल न लगे तो आप डरे नहीं. क्योंकि 1033 के अलावा भी कुछ कुछ उपाय हैं जिनसे आप के पास तुरंत मदद पहुंच सकती है.

112 और पुलिस हेल्पलाइन पर मांगे मदद

आपको बता दें कि अगर 1033 नंबर कनेक्ट नहीं हो पा रहा है तो आपका सबसे पहले 112 डायल करना चाहिए. क्योंकि यह भारत सरकार का सिंगल इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम है जो पूरे देश में हर जगह काम करता है.

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112 पर कॉल करते ही आपका संपर्क सीधे नजदीकी कंट्रोल रूम से हो जाता है और वे तुरंत नजदीकी पुलिस पीसीआर वैन या एंबुलेंस को आपकी लोकेशन पर भेज देते हैं. जबकि इसके अलावा आप जिस राज्य या जिले के हाईवे पर सफर कर रहे हैं वहां का स्थानीय हाईवे पेट्रोलिंग नंबर या 100/112 नंबर भी बेहद कारगर साबित होता है.

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NHAI के ऐप का इस्तेमाल करें

जानकारी के लिए बता दें आज के डिजिटल समय में सिर्फ फोन कॉल ही मदद का एकमात्र जरिया नहीं है. क्योंकि आप NHAI का आधिकारिक मोबाइल ऐप MyFASTag या Rajmargyatra का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. इन ऐप्स में इमरजेंसी असिस्टेंस का सीधा ऑप्शन दिया होता है जहां आप बिना कॉल किए भी सीधे लोकेशन शेयर करके मदद मांग सकते हैं.

जबकि इसके अलावा NHAI का आधिकारिक व्हाट्सएप हेल्पलाइन और सोशल मीडिया हैंडल भी काफी एक्टिव रहते हैं. आप अपनी लाइव लोकेशन के साथ समस्या का मैसेज भेज सकते हैं. डिजिटल माध्यमों का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इसमें आपकी जीपीएस लोकेशन तुरंत अथॉरिटी तक पहुंच जाती है. जिससे पेट्रोलिंग टीम को आपकी गाड़ी की सही जगह ढूंढने में जरा भी वक्त नहीं लगता और मदद जल्दी पहुंच जाती है.

टोल प्लाजा से मांगे सहायता

अगर गाड़ी चलने की स्थिति में है तो उसे तुरंत हाईवे की बाईं तरफ बनी इमरजेंसी लेन यानी में पार्क कर दें और हजार्ड लाइट्स ऑन कर लें. इसके बाद अगर 1033 नहीं लग रहा है तो अपनी गाड़ी की लोकेशन का सही अंदाजा लगाने के लिए सड़क किनारे लगे किलोमीटर माइलस्टोन पर लिखे नंबर और जगह का नाम ध्यान से देखें.

यदि आपके पास सबसे नजदीकी टोल प्लाजा की रसीद है तो उस पर्ची के पीछे भी टोल कंट्रोल रूम का लोकल नंबर छपा होता है. आप उस नंबर पर कॉल करके सीधे टोल अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं. टोल प्लाजा की खुद की हाईवे रिकवरी वैन और एंबुलेंस होती है जो कुछ ही मिनटों के भीतर आपकी लोकेशन पर पहुंचकर मदद मुहैया करा सकती है.

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