US-India ट्रेड डील को लेकर यह माना जा रहा है कि इससे Harley-Davidson मोटरसाइकिल भारत में सस्ती हो जाएंगी. पहली नजर में यह बात सही लगती है, क्योंकि हार्ले-डेविडसन अमेरिका की सबसे मशहूर मोटरसाइकिल कंपनियों में से एक है, लेकिन असलियत इससे काफी अलग है. मौजूदा ट्रेड डील का Harley-Davidson की भारत में बिकने वाली बाइक्स पर लगभग कोई सीधा असर नहीं पड़ने वाला है. आइए इसके पीछे की असली वजह जानते हां.

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थाईलैंड से आती हैं Harley बाइक

सबसे अहम बात यह है कि भारत में बिकने वाली Harley-Davidson motorcycles अमेरिका से इंपोर्ट नहीं होतीं. कंपनी अपनी इंपोर्टेड बाइक्स थाईलैंड से भारत लाती है. थाईलैंड Harley-Davidson का बड़ा एक्सपोर्ट हब है. भारत और थाईलैंड के बीच पहले से ही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट मौजूद है, जिसकी वजह से इन बाइक्स पर पहले ही जीरो कस्टम ड्यूटी लगती है. ऐसे में US-India ट्रेड डील से ड्यूटी में कटौती का फायदा Harley को नहीं मिलने वाला.

किन बाइक्स पर हो सकती थी ड्यूटी कट?

Harley-Davidson के कुछ मॉडल जैसे Nightster, Nightster S, Sportster S और Pan America इसी रेंज में आते हैं. लेकिन चूंकि ये सभी थाईलैंड से इंपोर्ट की जाती हैं, इसलिए इन पर किसी तरह की नई ड्यूटी कटौती की उम्मीद नहीं की जा सकती. वहीं, जो Harley बाइक्स अमेरिका में बनती हैं, वे 1600cc से ऊपर की कैटेगरी में आती हैं और उन पर भी कोई राहत नहीं मिलने वाली.

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बिक्री भी है सीमित

भारत में बड़ी कैपेसिटी वाली motorcycles की बिक्री पहले से ही काफी कम है. Harley-Davidson ने अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच सिर्फ 90 यूनिट्स की बिक्री की है. यह दिखाता है कि कंपनी भारत में एक निच ब्रांड बनी हुई है. Harley-Davidson X440 और X440 T जैसी बाइक्स भारत में लोकली मैन्युफैक्चर की जाती हैं. लोकल प्रोडक्शन होने की वजह से ये मॉडल भी इंपोर्ट ड्यूटी कट के दायरे में नहीं आते. कुल मिलाकर, US-India ट्रेड डील से Harley-Davidson motorcycles की कीमतों में बड़ी कटौती की उम्मीद करना सही नहीं होगा. भारत में बिकने वाली Harley बाइक्स अमेरिका के बाहर से आती हैं, इसलिए इस डील का असर नाममात्र का ही रहेगा.

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