EV Market: दुनिया में अब लोग डीजल और पेट्रोल गाड़ियां कम खरीद रहे हैं और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं. जिसके चलते अब जब भी कोई नई गाड़ी खरीदने जाता है तो वह EV खरीदने पर जरूर विचार कर रहा है. जिसके चलते अब पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड बढ़ रही है.
इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बढ़ती बिक्री देखकर अब सबसे मन में यह सवाल जरुर आता है कि मौजूदा समय में कौन सा देश अभी सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीद रहा है. तो आज हम इस खबर में यही जानेंगे कि आखरिकार कि इस समय इलेक्ट्रिक वाहनों की इस बड़ी दुनिया का असली राजा कौन बनकर उभर रहा है.
किस कंपनी का है दबदबा?
जब बात इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ग्लोबल डिलीवरी और बिक्री के आंकड़ों की आती है तो चीन की दिग्गज कंपनी BYD का नाम सबसे पहले आता है. क्योंकि दुनिया भर के ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और प्लग-इन हाइब्रिड दोनों सेगमेंट को मिलाकर BYD वर्ल्ड लेवल पर सबसे आगे चल रही है.
बता दें कि कंपनी की सफलता का सबसे बड़ा राज उसकी किफायती कीमतें और शानदार इन-हाउस बैटरी टेक्नोलॉजी है जो आम आदमी के बजट में आसानी से फिट बैठती है. जबकि दूसरे नंबर पर अमेरिकी कंपनी टेस्ला अपनी धाक जमाए हुए है.
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वैल्यूएशन में है कौन बादशाह?
अब बात करते हैं कंपनियों की वैल्यूएशन की तो शेयर बाजार और इन्वेस्टरों के भरोसे के मामले में एलन मस्क की कंपनी टेस्ला अभी भी दुनिया की सबसे मूल्यवान ऑटो कंपनी बनी हुई है. टेस्ला का शेयर बाजार में रुतबा और उसका ब्रांड नेम ऐसा है जो इन्वेस्टरों को अपनी ओर आकर्षित करता है.
हालांकि चीन की BYD और अन्य ग्लोबल ब्रांड्स तेजी से अपनी जगह पक्की कर रहे हैं. यह साफ दिखाता है कि वॉल्यूम के मामले में भले ही एशियाई कंपनियां आगे निकल रही हों लेकिन वॉल स्ट्रीट और निवेशकों के बीच अमेरिकी कंपनी का दबदबा अब भी पूरी तरह से कायम है. निवेशकों की नजर में भविष्य की तकनीक और सॉफ्टवेयर के मामले में टेस्ला को आज भी सबसे आगे माना जाता है.
क्यों मिल रहे हैं चौंकाने वाले रिजल्ट?
जानकारी दें दे कि वर्ल्ड ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के बढ़ते डिमांड के पीछे कई बड़े कारण बताये जा रहें हैं. सबसे बड़ा कारण यह है कि अब कंज्यूमर्स सिर्फ लग्जरी या दिखने में स्टाइलिश गाड़ियां नहीं चाहते बल्कि उन्हें किफायती और भरोसेमंद ऑप्शन चाहिए. चीनी कंपनियों ने बहुत कम दाम में लंबी ड्राइविंग रेंज और आधुनिक फीचर्स देकर पूरी बाजी को ही पलट दिया है.
वहीं इसके अलावा दुनिया भर की गवर्नमेंट के द्वारा दिए जाना वाला सब्सिडी और नियमों में बदलाव ने भी इन आंकड़ों को प्रभावित किया है. पारंपरिक कंपनियां जैसे टोयोटा, फोक्सवैगन और हुंडई भी अब इस रेस में पूरी ताकत झोंक रही हैं. जिससे आने वाले समय में मुकाबला और भी ज्यादा रोमांचक होने वाला है.
इलेक्ट्रिक वाहनों के मार्केट का भविष्य
ऑटोमोबाइल मार्केट के सभी रिपोर्ट्स को देखें तो अब ग्लोबल ईवी मार्केट किसी एक देश या कंपनी के हाथ में नहीं है. जबकि ऐसा माना जा रहा है कि कुछ समय बाद यह लड़ाई और ज्यादा तेज हो जाएगी. क्योंकि अब भारतीय बाजार सहित कई अन्य देश भी इस इलेक्ट्रिक क्रांति में तेजी से शामिल हो रहे हैं.
जिसके बाद अब कुल मिलाकर आने वाला समय ग्राहकों के लिए बहुत सारे बेहतरीन विकल्प लेकर आने वाला है और ऑटो जगत का यह नया दौर पूरी दुनिया की तस्वीर बदल रहा है.
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