अगर आप हाईवे पर सफर करते हैं तो आपने FASTag का इस्तेमाल जरूर किया होगा.पिछले कुछ सालों में FASTag ने टोल भुगतान के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है.अब टोल प्लाजा पर लंबी लाइन में लगने या कैश भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ती. गाड़ी पर लगा FASTag स्टिकर टोल प्लाजा पर लगे सेंसर से स्कैन होता है और टोल की राशि सीधे आपके लिंक्ड बैंक खाते या वॉलेट से कट जाती है. यही वजह है कि देशभर में FASTag का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और अब करोड़ों लोग इसका फायदा उठा रहे हैं.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, देश में FASTag का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. दिसंबर 2025 तक भारत में 11.86 करोड़ से ज्यादा FASTag जारी किए जा चुके हैं. इनमें से 6.20 करोड़ से ज्यादा FASTag एक्टिव हैं, यानी इनका रोजाना इस्तेमाल किया जा रहा है. नेशनल हाईवे पर होने वाले 98 फीसदी से ज्यादा टोल कलेक्शन अब FASTag के जरिए ही हो रहा है.इससे साफ है कि अब ज्यादातर कार चालक डिजिटल तरीके से टोल का भुगतान करना पसंद कर रहे हैं.
क्या है फास्टैग का फायदा?
- FASTag के बढ़ते इस्तेमाल का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनें काफी कम हो गई हैं. पहले लोगों को टोल देने के लिए कई मिनट तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब गाड़ी बिना ज्यादा रुके आसानी से आगे निकल जाते हैं. इससे यात्रियों का समय बचता है, ट्रैफिक जाम कम होता है और गाड़ी के बार-बार रुकने और चलने से फ्यूल की भी बचत होती है. इसके साथ ही प्रदूषण में भी कमी आती है क्योंकि गाड़ियों का इंजन लंबे समय तक चालू रखकर इंतजार नहीं करना पड़ता.
- सरकार अब टोल सिस्टम को और मॉडर्न बनाने की दिशा में काम कर रही है. इसके तहत Barrier-Free Tolling System लाने की तैयारी की जा रही है. इस नई तकनीक के लागू होने के बाद गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी. सड़क पर लगे हाई-टेक कैमरे गाड़ी के नंबर प्लेट को पढ़ेंगे और FASTag के साथ मिलकर टोल की राशि अपने आप काट लेंगे. यानी गाड़ी बिना किसी रुकावट के अपनी स्पीड से आगे बढ़ता रहेगा.
- इस नई व्यवस्था में ANPR तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. यह तकनीक गाड़ी की नंबर प्लेट को पहचानकर उसकी जानकारी सिस्टम तक पहुंचाएगी.इसके बाद FASTag के जरिए टोल का भुगतान अपने आप हो जाएगा. सरकार का मानना है कि इस तकनीक से टोल कलेक्शन पहले से ज्यादा तेज, ट्रांसपेरेंट और आसान हो जाएगा.
फेजवाइज किया जाएगा लागू
- फिलहाल सरकार इस सिस्टम को फेजवाइज लागू करने की योजना पर काम कर रही है. सबसे पहले कुछ चुनिंदा हाईवे और टोल प्लाजा पर इसे शुरू किया जाएगा. अगर इसका रिजल्ट सफल रहता है तो धीरे-धीरे इसे देशभर के नेशनल हाईवे पर लागू किया जाएगा. इससे भविष्य में हाईवे पर सफर करना और भी आसान और तेज हो जाएगा.
- सरकार लगातार डिजिटल टोल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं भी ला रही है. FASTag को ज्यादा सुविधाजनक बनाने और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं.
- नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI ने दिल्ली-जयपुर NH-48 पर आज यानी 1 दिसंबर 2026 से मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम लागू कर दिया किया है. इस नए सिस्टम में अब टोल प्लाजा पर बैरियर नहीं होंगे. यानी अब इस रूट पर आपको टोल का भुगतान करने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि टोल का भुगतान अपने आप ही हो जाएगा.
- अगर किसी वजह से गाड़ी का FASTag काम नहीं करता है और गाड़ी टोल प्लाजा पार कर जाती है, लेकिन टोल का भुगतान नहीं होता है तो ऐसे में नंबर प्लेट की मदद से पेमेंट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इस नई तकनीक से गाड़ी चालकों का काफी समय बचेगा, उन्हें लंबी लाइनों में इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा.
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