इंडिया अब धीरे-धीरे पूरी तरह से डिजिटल हो रहा है और अब हर जगह ऑनलाइन ही काम हो रहा है. इसमें आपका राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स भुगतान की प्रक्रिया भी शामिल है. पहले जहां टोल पर हमें लंबी लाइन में खड़े होकर कैश देना पड़ता था. लेकिन अब फास्टैग आने के चलते लंबी लाइन पूरी तरह से खत्म हो गई और आसानी से टोल का पैसा ऑनलाइन ही कट जाता है.

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क्योंकि, लगभग हर चार पहिया वाहन की विंडस्क्रीन पर लगा फास्टैग चिप सीधे आपके बैंक खाते या वॉलेट से जुड़ा होता है. जबकि आप जैसे ही टोल पर गाड़ी लगाते हैं आपके अकाउंट से पैसा तुरंत कट जाता है. लेकिन जरा सोचिए कि अगर आपकी कार चोरी हो जाए या कोई आपकी विंडस्क्रीन से FASTag निकाल कर चुरा ले तो क्या होगा? चलिए जानते हैं फास्टैग चोरी होने की स्थिति में तुरंत किए जाने वाले 4 सबसे महत्वपूर्ण काम कौन से हैं जिससे आप किसी भी नुकसान होने से बच सकते हैं.

हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत करें कॉल

आपको बता दें कि, फास्टैग चोरी होने या गुम होने की जानकारी मिलते ही सबसे पहला काम इसे ब्लॉक करवाने का होना चाहिए. इसके लिए आपको सबसे पहले अपने संबंधित फास्टैग जारीकर्ता बैंक के टोल-फ्री कस्टमर केयर नंबर पर तुरंत संपर्क करना चाहिए.

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वहीं, यदि आपको बैंक का नंबर याद न हो तो आप राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के हेल्पलाइन नंबर 1033 पर डायल करके भी अपने फास्टैग की हॉटलिस्टिंग या ब्लॉकिंग का अनुरोध दर्ज करा सकते हैं.

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ऑनलाइन फास्टैग को करें ब्लॉक

वहीं, इसके अलावा अगर कस्टमर केयर पर कॉल करने में समय लग रहा हो तो आप सीधे अपने मोबाइल ऐप से भी फास्टैग डीएक्टिवेट कर सकते हैं. जिस भी बैंक या वॉलेट से आपका FASTag जुड़ा है.

उसके ऑफिशियल ऐप या वेब पोर्टल पर लॉगिन करें. वहां फास्टैग सेक्शन में जाकर मैनेज FASTag या ब्लॉक/डीएक्टिवेट का विकल्प चुनें. जबकि फास्टैग बंद कराने के कारण में स्टोलेन या लॉस्ट सिलेक्ट करके इसे तुरंत स्थायी रूप से बंद कर दें.

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पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं

जानकारी दें दे कि, अगर आपकी कार के साथ या अलग से फास्टैग चोरी हुआ है. तो इसकी एक ऑनलाइन FIR या पुलिस शिकायत जरूर दर्ज करवाएं. पुलिस में रिपोर्ट दर्ज होने से आपको दो बड़े फायदे मिलते हैं.

पहला यदि भविष्य में उस चुराए गए FASTag का इस्तेमाल किसी अवैध कार्य में होता है तो आप कानूनी झंझटों से सुरक्षित रहेंगे. दूसरा नया फास्टैग इश्यू करवाने के लिए बैंक आपसे पुलिस रिपोर्ट की कॉपी मांग सकता है.

नया फास्टैग जारी कराएं

बता दें कि, पुराना फास्टैग पूरी तरह ब्लॉक हो जाने के बाद आप अपने संबंधित बैंक से नया FASTag चिप जारी करने का अनुरोध कर सकते हैं. जब आपका नया फास्टैग एक्टिवेट हो जाएगा तो आपके पुराने वाले फास्टैग का जितना भी बकाया वॉलेट बैलेंस होगा वह सुरक्षा जांच के बाद आपके नए खाते में सुरक्षित रूप से ट्रांसफर कर दिया जाएगा. इस तरह आपका बचा हुआ पैसा भी पूरी तरह से सुरक्षित रहता है.

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