EV Fire Risk: इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, लेकिन इनके साथ कुछ सवाल भी अक्सर चर्चा में रहते हैं. इनमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या EV में आग लगने का खतरा पेट्रोल या डीजल कारों की तुलना में ज्यादा होता है. सोशल मीडिया और इंटरनेट पर कई बार इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं सुर्खियां बनती हैं, जिससे लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है. हालांकि केवल कुछ घटनाओं के आधार पर पूरी तस्वीर समझना सही नहीं है. 

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विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वाहन में आग लगने की संभावना कई कारणों से हो सकती है. इसमें तकनीकी खराबी, दुर्घटना, गलत रखरखाव या बाहरी कारण शामिल हो सकते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वास्तविक आंकड़े और विशेषज्ञ इस बारे में क्या कहते हैं. अगर आप भी इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं या EV सुरक्षा को लेकर उलझन में हैं, तो यह जानकारी आपके लिए काफी उपयोगी हो सकती है.

आंकड़े क्या कहते हैं, EV या पेट्रोल कार कौन ज्यादा सुरक्षित?

सामान्य धारणा के विपरीत कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में पाया गया है कि पेट्रोल और डीजल वाहनों में आग लगने की घटनाएं इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना में अधिक होती हैं. इसका मुख्य कारण यह है कि पारंपरिक वाहनों में ज्वलनशील ईंधन मौजूद होता है. वहीं इलेक्ट्रिक कारों में बैटरी पैक और कई स्तर की सुरक्षा तकनीकें दी जाती हैं. आधुनिक EV में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम लगातार बैटरी के तापमान और प्रदर्शन पर नजर रखता है. 

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यदि कोई असामान्य स्थिति बनती है तो सिस्टम तुरंत प्रतिक्रिया देता है. यही वजह है कि अधिकांश मामलों में EV सामान्य उपयोग के दौरान सुरक्षित मानी जाती हैं. हालांकि किसी भी तकनीक की तरह इसमें भी जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता. लेकिन केवल आग की घटनाओं के आधार पर EV को असुरक्षित कहना सही नहीं माना जाता.

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आग लगने की स्थिति में क्या है सबसे बड़ा फर्क?

विशेषज्ञों के अनुसार EV और पेट्रोल कारों में आग लगने की प्रकृति अलग होती है. पेट्रोल वाहन में आग अक्सर ईंधन रिसाव या इंजन से जुड़ी समस्या के कारण लग सकती है. दूसरी तरफ इलेक्ट्रिक वाहन में यदि बैटरी प्रभावित होती है तो आग को नियंत्रित करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है. यही कारण है कि वाहन निर्माता कंपनियां बैटरी सुरक्षा पर लगातार निवेश कर रही हैं. आज की आधुनिक EV में मजबूत बैटरी हाउसिंग, थर्मल प्रोटेक्शन और कई सुरक्षा परतें दी जाती हैं. 

इसके अलावा नियमित सर्विस और सही चार्जिंग आदतें भी सुरक्षा को बेहतर बनाती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन चाहे पेट्रोल का हो या इलेक्ट्रिक, सुरक्षा के नियम दोनों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं. कुल मिलाकर उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि EV में आग लगने का खतरा उतना अधिक नहीं है जितना आमतौर पर माना जाता है. इसलिए किसी भी निर्णय से पहले तथ्यों और वास्तविक जानकारी को समझना जरूरी है.

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