अयोध्या राम मंदिर में चंदे की चोरी को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई हैं. समाजवादी पार्टी समेत तमाम विरोध दल इसे लेकर कई तरह से सवाल उठा रहे हैं. इस पूरे विवाद पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी की भी प्रतक्रिया सामने आई हैं. उन्होंने चंदे को लेकर आ रही खबरों के बीच देख-रेख करने और ऑडिट की बात कही. उन्होंने कहा कि ये सब ट्रस्ट को देखना है. 

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मौलाना शहाबुद्दीन ने चंदा चोरी के सवाल पर कहा ये सब राम जन्मभूमि ट्रस्ट का मामला है. मुस्लिम समाज का इससे कोई लेना-देना नहीं है. ये राम मंदिर ट्रस्ट का आंतरिक मामला है और उन्हें ही इसे देखना होगा. 

राम मंदिर चंदा विवाद पर बोले मौलाना शहाबुद्दीन

मौलाना ने कहा- "अयोध्या राम मंदिर में चंदे की चोरी को लेकर बहुत सारी खबरें आ रही हैं, जिसे लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं. लेकिन, मुसलमानों का मानना ये है कि ये राम मंदिर का अपना अंदरुनी मामला है. इसलिए वहां ट्रस्ट के जो ज़िम्मेदार लोग हैं वो उसकी देखरेख करें और उसका ऑडिट करें, करवाएं और किस तरह से उसका संचालन है वो उसके ज़िम्मेदार हैं. हमारा उससे कोई लेना देना नहीं है."

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यूपी सरकार ने एसआईटी की टीम की गठित

राम मंदिर में आने वाले दान में 7 करोड़ रुपये चोरी का मामला काफी विवादों में बना हुआ है. समाजवादी पार्टी से लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत तमाम स्थानीय नेताओं ने भी इस पर सवाल खड़े किए हैं. वहीं इस मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के शिष्य महंत कमल नयन दास ने भी इसकी जांच की मांग की है. 

इस मामले की जांच के लिए योगी सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है. इस टीम में लखनऊ संभागीय आयुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक एस किरण और विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं. एसआईटी को सात दिन के अंदर इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं. 

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