PUC Certificate Rules : दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों को लेकर एक नया मामला सामने आया है. एक लग्जरी कार के मालिक ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. दिल्ली में एक शख्स के पास Volvo XC-60 डीजल कार है और इस कार की कीमत करीब 70 लाख की है. उनका कहना है कि उनकी गाड़ी प्रदूषण जांच (एमिशन टेस्ट) में पास होने के बाद भी उन्हें पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा है.

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आरोप है कि पीयूसी सेंटर का सॉफ्टवेयर सिर्फ गाड़ी की उम्र देखकर सर्टिफिकेट जारी करने से इनकार कर देता है. ऐसे में अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है और इस पर सुनवाई भी होगी. तो आइए जानते हैं कि क्या 10 साल पुरानी गाड़ियों का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं बनेगा. 

क्या है पूरा मामला?

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दिल्ली के एक निवासी, जिनके पास साल 2016 मॉडल की BS-IV वोल्वो कार है, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल किया है. उनका कहना है कि उनकी कार सभी प्रदूषण मानकों पर खरी उतरती है, लेकिन 10 साल पूरे होने के बाद पीयूसी सेंटर उन्हें नया PUC सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में उनकी कार का PUC सर्टिफिकेट जारी हुआ था, जिसकी वैधता 25 फरवरी 2026 तक थी. इसके बाद जैसे ही गाड़ी ने 10 साल पूरे किए, नया सर्टिफिकेट जारी करने से मना कर दिया गया. 

कार मालिक ने क्या शिकायत की?

कार मालिक का कहना है कि पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं मिलने की वजह से उन्हें कई पेट्रोल पंपों पर गाड़ी में ईंधन भरवाने में भी परेशानी हो रही है. उनका कहना है कि जब गाड़ी सभी नियमों के अनुसार प्रदूषण जांच पास कर रही है, तब सिर्फ उम्र के आधार पर सर्टिफिकेट रोकना सही नहीं है. 

सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या आदेश दिया था?

सुप्रीम कोर्ट ने 10 अक्टूबर 2018 को 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के सड़क पर चलने पर रोक लगाने का आदेश दिया था. इसके बाद दिल्ली सरकार की ओर से दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए 12 अगस्त 2025 को कोर्ट ने अपने पुराने आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी. अदालत ने कहा कि सिर्फ वाहन की उम्र के आधार पर मालिकों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी. बाद में 17 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए साफ किया कि BS-IV या उससे बेहतर उत्सर्जन मानकों वाली 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के खिलाफ कोई जबरन कार्रवाई नहीं होगी.

अब क्यों हो रही है परेशानी?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी पीयूसी केंद्रों का सॉफ्टवेयर अभी भी पुराने नियमों के अनुसार काम कर रहा है. जैसे ही गाड़ी तय उम्र सीमा पार करती है, सिस्टम PUC सर्टिफिकेट जारी नहीं करता है. दिल्ली सरकार ने 17 दिसंबर 2025 से ईंधन भरवाने के लिए वैध PUC सर्टिफिकेट जरूरी कर दिया है. ऐसे में जिन गाड़ियों को PUC नहीं मिल रहा, उन्हें कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन भी नहीं दिया जा रहा. 

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क्या 10 साल पुरानी गाड़ियों का नहीं बनेगा पॉल्यूशन सर्टिफिकेट?

दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट को लेकर फिलहाल नियम साफ नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने पहले साफ किया था कि सिर्फ गाड़ी की उम्र के आधार पर BS-IV या उससे बेहतर मानकों वाली गाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन कई वाहन मालिकों का कहना है कि पीयूसी केंद्रों का सॉफ्टवेयर तय आयु सीमा पूरी होने के बाद PUC सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रहा, चाहे गाड़ी एमिशन टेस्ट में पास ही क्यों न हो. इसी वजह से कुछ मामलों में ईंधन भरवाने में भी परेशानी आ रही है. इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसके बाद नियमों की स्थिति और साफ हो सकती है. 

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