Flooded Road Driving Tips: मानसून के मौसम में बारिश के बाद सड़कों पर पानी भरना एक आम समस्या है. ऐसे में कार चालकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि वे पानी से भरी सड़क को पार करें या नहीं. कई बार जरा सी लापरवाही की वजह से कार पानी के बीच में बंद हो जाती है और इंजन पूरी तरह खराब हो जाता है. अगर आप भी इस तरह की परेशानी से बचना चाहते हैं तो आपको कुछ बेहद जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. 

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कितने पानी में सुरक्षित निकल सकती है कार 

कार को पानी में ले जाने से पहले पानी के स्तर यानी गहराई को समझना बहुत जरूरी है. अगर सड़क पर पानी कार के टायर के आधे हिस्से तक है, तो इसे सुरक्षित माना जाता है. इस स्तर पर आप कार को आसानी से बाहर निकाल सकते हैं. जब तक पानी पहिए के रिम या निचले हिस्से तक रहता है, तब तक कार के मुख्य हिस्सों में पानी घुसने का खतरा बहुत कम होता है. अगर पानी कार के बंपर को छू रहा है या उससे ऊपर जा रहा है, तो समझ लें कि अब खतरा बढ़ गया है. ऐसे रास्ते पर कार ले जाने से आपको हमेशा बचना चाहिए. 

कितने पानी पर इंजन बंद कर दें?

ध्यान रखें कि अगर कार चलाते समय पानी का स्तर अचानक बढ़ने लगा है और वह कार के बोनट या हेडलाइट तक पहुंच गया है, तो ऐसे में आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए. क्योंकि कार के इंजन को चलने के लिए हवा की जरूरत होती है, जो एयर फिल्टर के जरिए अंदर जाती है. अगर पानी बोनट तक आ गया है, तो वह एयर फिल्टर के रास्ते इंजन के भीतर भी जा सकता है. जैसे ही आपको लगे कि पानी बोनट को छूने लगा है, आपको तुरंत इंजन बंद कर देना चाहिए.

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जब पानी इंजन के सिलेंडरों के अंदर चला जाता है, तो इंजन जाम हो जाता है. इसे ऑटोमोबाइल की भाषा में हाइड्रोलॉक कहते हैं. ऐसी स्थिति में इंजन पूरी तरह बर्बाद हो सकता है और उसे ठीक कराने में भारी खर्च आ सकता है. साथ ही अगर पानी में चलते-चलते आपकी कार अचानक बंद हो जाती है, तो उसे दोबारा चालू करने की गलती बिल्कुल न करें. क्योंकि बंद गाड़ी में दोबारा चाबी घुमाने से पानी बहुत तेजी से इंजन के अंदर चला जाता है. 

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इन बातों का रखें ध्यान 

पानी से भरी सड़क पर कार को हमेशा पहले या दूसरे गियर में ही चलाएं. इससे गाड़ी को पूरी ताकत मिलती है. साथ ही  कार के एक्सीलेटर को थोड़ा दबाकर रखें ताकि इंजन की रफ्तार तेज रहे. इससे साइलेंसर के जरिए पानी अंदर नहीं जाएगा. एक्सीलेटर दबाते समय क्लच को आधा दबाकर रखें ताकि गाड़ी की रफ्तार नियंत्रण में रहे और वह बंद न हो. जब कार पानी से बाहर निकल जाती है, तब कार के ब्रेक थोड़े ढ़िले हो जाते है. इसलिए कार को पानी से निकालने के तुरंत बाद सूखी जगह पर लाकर दो-चार बार ब्रेक दबाएं ताकि उनका पानी सूख जाए और वे ठीक से काम करने लगें. 

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