Car Service Tips : अगर आपके पास कार है, तो आप जानते होंगे कि उसकी समय-समय पर सर्विस कराना कितना जरूरी है. बिना सही सर्विस के आपकी कार की हालत जल्दी खराब हो सकती है और लंबे समय में खर्च भी ज्यादा हो सकता है, लेकिन सिर्फ सर्विस कराना ही काफी नहीं है. बहुत सारे लोग सर्विस के दौरान ठगी का शिकार हो जाते हैं क्योंकि उन्हें यह नहीं पता होता कि मैकेनिक से किन सवालों को पूछना चाहिए. इसलिए आइए आज हम आपको बताते हैं कि कार सर्विस के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन-कौन से सवाल आपको अटेंडर या मैकेनिक से जरूर पूछने चाहिए.
1. क्या आपने मेरी गाड़ी के मेक और मॉडल पर पहले काम किया है? - जब आप अपनी कार को सर्विस के लिए ले जाते हैं, तो सबसे पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि मैकेनिक को आपकी कार की जानकारी है. हर कार का इंजन, पार्ट्स और तकनीक अलग होती है. अगर मैकेनिक को आपकी कार के मॉडल का एक्सपीरियंस नहीं है, तो गलत रिपेयर या खराब क्वालिटी के पार्ट्स इस्तेमाल होने का खतरा बढ़ जाता है. किसी भी नए मैकेनिक से पहले यह पूछें कि क्या उन्होंने आपकी कार का मॉडल पहले देखा है. अगर आपकी कार पुरानी है या कोई खास मॉडल है, तो ऐसे वर्कशॉप चुनें जो मल्टी-ब्रांड या स्पेशलाइज्ड हों.
2. सर्विस की लागत क्या होगी? - कई बार सर्विस सेंटर बिना बताए ज्यादा पैसे वसूल लेते हैं. इसलिए सर्विस शुरू होने से पहले यह जानना जरूरी है कि कार की जांच करने का खर्च कितना होगा. पहले ही अनुमानित जांच की कीमत पूछ लें. सुनिश्चित करें कि मशीन और इंस्पेक्शन चार्ज सही हैं.
3. क्या सभी मरम्मत जरूरी हैं? - बहुत बार मैकेनिक आपको वह सब पार्ट्स बदलने के लिए कहता है जो जरूरी नहीं होते, इसलिए यह पूछना जरूरी है कि कौन-सी मरम्मत सही में जरूरी है और क्यों, मैकेनिक से समझें कि कौन सा काम क्यों किया जा रहा है. जरूरत न होने वाले पार्ट्स को बदलने से बचें.
4. क्या आपकी सर्विस या पार्ट्स पर वारंटी है? - सभी सर्विस सेंटरों में पार्ट्स और लेबर पर वारंटी अलग-अलग होती है. इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि कौन-से पार्ट्स और सेवाओं पर कितने समय की गारंटी दी जा रही है. लिखित में वारंटी लें. समझें कि वारंटी में कौन-से हिस्से और कितने समय तक कवर हैं. वारंटी से आपको भविष्य में समस्याओं का सामना कम करना पड़ेगा.
5. क्या मुझे बिल मिलेगा? - अक्सर लोग सर्विस कराने के बाद बिल मांगना भूल जाते हैं. बिल मिलने से पता चलता है कि कौन-कौन से पार्ट्स बदले गए और कितना खर्च हुआ. सर्विस खत्म होने पर बिल जरूर लें. बिल में हर पार्ट, काम और कीमत का विवरण होना चाहिए. भविष्य में यह बिल आपकी वारंटी और कार बेचते समय भी काम आएगा.
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कार सर्विस के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
1. सर्विस शेड्यूल का पालन करें - हर कार के लिए कंपनी में तय किया गया सर्विस शेड्यूल होता है. यह आपकी कार की मैनुअल में लिखा होता है. आमतौर पर हर 6 महीने या 10,000 किलोमीटर पर सर्विस कराने की सलाह दी जाती है. नियमित सर्विसिंग से कार के पार्ट्स लंबे समय तक सही रहते हैं और बड़े खर्चों से बचा जा सकता है.
2. अपनी गाड़ी की सभी दिक्कतें बताएं - सर्विस से पहले अपनी कार में आने वाली सभी दिक्कतों की एक लिस्ट तैयार करें. जैसे ब्रेक मारने पर आवाज आना, इंजन से अजीब आवाज, माइलेज कम होना, लाइट न जलना. इससे मैकेनिक सही तरीके से दिक्कतों की जांच और रिपेयर कर पाएगा.
3. सर्विस का अनुमानित कोटेशन लें - सर्विस शुरू होने से पहले यह जान लें कि कौन-से पार्ट्स बदलने हैं और उनकी कीमत क्या होगी. सिर्फ अच्छे क्वालिटी या ओरिजिनल पार्ट्स ही इस्तेमाल करें. सस्ते और नकली पार्ट्स कार को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
4. सही वर्कशॉप चुनें - नई कार है तो Authorised Service Centre पर ही सर्विस करवाएं. पुरानी कार है तो अनुभवी और भरोसेमंद मैकेनिक से ही सर्विस कराएं. सही वर्कशॉप से आपको असली पार्ट्स, प्रशिक्षित मैकेनिक और वारंटी मिलेगी.
5. सर्विस के बाद टेस्ट ड्राइव करें - सर्विस खत्म होने के बाद कार की टेस्ट ड्राइव जरूर लें. इससे पता चलेगा कि सभी दिक्कतें ठीक हुई हैं या नहीं, साथ ही बिल और किए गए काम की पूरी डिटेल लें.
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