भारत में अब इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी दिशा में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उबर के CEO दारा खोसरोशाही के साथ अहम बैठक की. इस बैठक में उबर के बड़े नेटवर्क को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने और ग्राहकों की शिकायतों को बेहतर तरीके से सुलझाने पर चर्चा हुई. सरकार चाहती है कि उबर जैसी बड़ी कंपनियां अब सिर्फ ऑनलाइन कैब सेवा तक सीमित न रहें, बल्कि देश के ग्रीन मोबिलिटी मिशन का भी हिस्सा बनें. आइए विस्तार से जानते हैं.

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सरकार ने उबर को दिए खास निर्देश

नई दिल्ली के कृषि भवन में हुई इस बैठक में मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उबर दुनिया के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में से एक है. भारत जैसे बड़े बाजार में कंपनी की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है. उन्होंने उबर से कहा कि कंपनी को अपने पूरे सिस्टम को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में तेजी से काम करना चाहिए. मंत्री ने यह भी साफ किया कि ड्राइवर्स और वाहन मालिकों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ लाने के लिए कंपनी को आर्थिक और तकनीकी सहायता देनी होगी. इससे ड्राइवर्स को नई तकनीक अपनाने में आसानी होगी और प्रदूषण भी कम होगा.

इलेक्ट्रिक राइड से यात्रियों को क्या फायदा होगा?

अगर आने वाले समय में उबर की ज्यादातर राइड इलेक्ट्रिक हो जाती हैं, तो इसका सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा. इलेक्ट्रिक गाड़ियों में आवाज कम होती है और सफर ज्यादा आरामदायक माना जाता है. साथ ही पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर किराए पर कम पड़ सकता है. सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक टैक्सी बढ़ने से शहरों में प्रदूषण कम होगा और साफ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा. इससे भारत की स्वच्छ परिवहन नीति भी मजबूत होगी.

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ऑटो इंडस्ट्री पर क्या पड़ेगा असर?

उबर के इलेक्ट्रिक मॉडल की तरफ बढ़ने से ऑटो इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनियों को नए ऑर्डर मिल सकते हैं, जिससे ईवी बाजार तेजी से बढ़ेगा. चार्जिंग स्टेशन, बैटरी टेक्नोलॉजी और ईवी सर्विस से जुड़े कारोबार में भी तेजी आने की उम्मीद है. अगर उबर जैसी कंपनियां बड़े स्तर पर ईवी अपनाती हैं, तो दूसरी कैब कंपनियां भी इसी रास्ते पर चलेंगी. इससे भारत में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को नई ताकत मिलेगी.

भारत के ग्रीन मिशन को मिलेगा बल

सरकार लगातार लोगों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है. उबर के साथ हुई यह बैठक भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. आने वाले समय में सड़कों पर इलेक्ट्रिक टैक्सी बढ़ने से भारत का ग्रीन मोबिलिटी मिशन और मजबूत हो सकता है.

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