Car Overheating Reasons: कार चलाते समय अगर आपका इंजन बार-बार ओवरहीट हो रहा है, तो यह सिर्फ एक मामूली परेशानी नहीं है. अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं और सोचते हैं कि थोड़ी गर्मी तो चल ही जाती है, लेकिन इंजन का बार-बार ओवरहीट होना आपकी कार के लिए खतरनाक हो सकता है. इससे इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो जाते हैं और बड़े मरम्मत खर्चों का सामना करना पड़ सकता है. इंजन ओवरहीट होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह चार बड़ी गलतियों की वजह से होता है. अगर आप इन गलतियों को समझकर समय रहते सुधार लें, तो आपकी कार लंबे समय तक सही तरीके से चलेगी और बार-बार ओवरहीट होने की समस्या नहीं आएगी. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आपकी कार बार-बार ओवरहीट होती है तो कौन सी 4 गलतियां आज ही सुधार लें. 

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कार बार-बार ओवरहीट करने वाली 4 गलतियां कौन सी हैं?

1. कूलेंट की कमी या लीक होना - कूलेंट, जिसे रेडिएटर फ्लूड भी कहते हैं, इंजन की गर्मी को सोखकर उसे ठंडा रखने का काम करता है.  अगर कूलेंट का स्तर कम हो जाए या रेडिएटर, पाइप या किसी कनेक्शन से लीक होने लगे, तो इंजन जल्दी गर्म होने लगता है. इसे पहचानने के लिए आप देख सकते हैं कि रेडिएटर में कूलेंट कम हो रहा है, डैशबोर्ड पर हॉट इंजन की चेतावनी दिख रही है, या इंजन के नीचे पानी या लिक्विड के छींटे पड़े हैं. इस समस्या से बचने के लिए नियमित रूप से कूलेंट का स्तर जांचते रहें, किसी भी लीक को तुरंत ठीक करवाएं और हमेशा सही प्रकार का कूलेंट इस्तेमाल करें. 

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2. वॉटर पंप और थर्मोस्टेट की समस्या - वॉटर पंप इंजन के अंदर कूलेंट को लगातार घुमा कर इंजन को ठंडा रखने का काम करता है, जबकि थर्मोस्टेट कूलेंट को रेडिएटर तक भेजने का कंट्रोल करता है. अगर वॉटर पंप खराब हो जाए या थर्मोस्टेट जाम हो जाए, तो कूलेंट सही ढंग से नहीं circulate करेगा और इंजन जल्दी ओवरहीट होने लगेगा. इसे पहचानने के लिए देखा जा सकता है कि रेडिएटर में पानी ठीक से नहीं घूम रहा है, कूलिंग सिस्टम से अजीब आवाज आ रही है, या इंजन जल्दी गर्म हो रहा है. इस समस्या से बचने के लिए वॉटर पंप और थर्मोस्टेट की नियमित जांच करना जरूरी है, और अगर कोई खराबी मिले तो उसे तुरंत बदलवाना चाहिए. 

3.  इंजन ऑयल और ऑयल कैप -  इंजन ऑयल सिर्फ पार्ट्स को चिकना नहीं रखता, बल्कि यह इंजन की गर्मी को भी सोखता है. अगर ऑयल पुराना हो जाए या कम रह जाए, तो पार्ट्स में फ्रिक्शन बढ़ता है और इंजन जल्दी गर्म होने लगता है. इसके अलावा, अगर ऑयल कैप ढीला हो, तो ऑयल बाहर निकल सकता है और सिस्टम का प्रेशर कम हो जाने से लुब्रिकेशन सही से नहीं होती, जिससे ओवरहीटिंग और बढ़ जाती है. इसे पहचानने के लिए आप देख सकते हैं कि इंजन चलाते समय आवाज आ रही है, ऑयल का रिसाव हो रहा है या लेवल कम है, और इंजन जल्दी गर्म हो रहा है. इस समस्या से बचने के लिए समय-समय पर सही ग्रेड का ऑयल बदलें और ऑयल कैप को हमेशा मजबूती से लगाएं. 

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4.  रेडिएटर और कूलिंग फैन की समस्या - रेडिएटर का काम इंजन की गर्मी को बाहर निकालना होता है, लेकिन अगर रेडिएटर में धूल या कचरा फंस जाए या कूलिंग फैन खराब हो जाए, तो गर्मी सही तरीके से बाहर नहीं जा पाएगी और इंजन जल्दी ओवरहीट हो जाएगा. इसे पहचानने के लिए ध्यान दें कि रेडिएटर में गंदगी फंसी है, फैन काम नहीं कर रहा है या फ्यूज खराब है, और ट्रैफिक में इंजन जल्दी गर्म हो रहा है. इस समस्या से बचने के लिए समय-समय पर रेडिएटर की सफाई करें, कूलिंग फैन और फ्यूज की जांच करें, और जरूरत पड़ने पर उन्हें बदलवाएं.  यह भी पढ़ें -टर्बो-पेट्रोल या नैचुरली एस्पिरेटेड? आपकी ड्राइविंग के लिए कौन सा इंजन है बेस्ट, कार खरीदने से पहले जान लें ये फर्क


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