कार चलाते समय डैशबोर्ड पर कई तरह की चेतावनी लाइट दिखाई देती हैं. इनमें चेक इंजन लाइट भी शामिल है, जो इंजन या उससे जुड़े किसी सिस्टम में परेशानी का संकेत देती है. कई लोग इस लाइट को नजरअंदाज करके गाड़ी चलाते रहते हैं, लेकिन ऐसा करना महंगा पड़ सकता है.

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कुछ मामलों में समस्या छोटी होती है, जबकि दूसरी स्थितियों में लगातार गाड़ी चलाने से नुकसान बढ़ता है. इसलिए चेक इंजन लाइट दिखने पर उसकी स्थिति समझना और समय पर जांच कराना जरूरी है.

सबसे पहले देखें लाइट 

अगर चेक इंजन लाइट लगातार जल रही है और कार सामान्य तरीके से चल रही है तो घबराने के बजाय जल्द से जल्द सर्विस सेंटर या मैकेनिक से जांच कराएं. अगर लाइट लगातार चमक रही है, इंजन कांप रहा है या गाड़ी की ताकत कम हो गई है तो इसे गंभीर संकेत मानें. सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोकें और जरूरत पड़ने पर टोइंग की मदद लें. चमकती चेक इंजन लाइट के साथ गाड़ी चलाते रहने से कैटेलिटिक कन्वर्टर जैसे महंगे पार्ट को नुकसान पहुंच सकता है.

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पेट्रोल टैंक का ढक्कन भी जांचें

कभी-कभी फ्यूल टैंक का ढक्कन ठीक से बंद न होने के कारण भी चेक इंजन लाइट जल सकती है. अगर हाल ही में पेट्रोल या डीजल भरवाया है तो सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोककर ढक्कन की जांच करें. उसे सही तरीके से बंद करने के बाद लाइट तुरंत बंद हो, यह जरूरी नहीं है. अगर लाइट बनी रहती है तो कार की जांच कराना बेहतर है. ध्यान रखें कि हर बार लाइट जलने का कारण ढक्कन ही नहीं होता.

इंजन की आवाज और गाड़ी के प्रदर्शन पर दें ध्यान

चेक इंजन लाइट के साथ अगर इंजन से असामान्य आवाज आ रही है, धुआं निकल रहा है, गाड़ी झटके ले रही है या तापमान बढ़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें. सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोकें. अगर इंजन ओवरहीट हो रहा है तो उसे बंद करके ठंडा होने दें. गर्म इंजन का रेडिएटर कैप तुरंत न खोलें, क्योंकि गर्म भाप या कूलेंट से जलने का खतरा रहता है.

बिना जांच के पार्ट बदलने से बचें

चेक इंजन लाइट का कारण सेंसर, स्पार्क प्लग, इग्निशन सिस्टम, फ्यूल सिस्टम या उत्सर्जन से जुड़े किसी हिस्से में खराबी होता है. सही कारण पता करने के लिए मैकेनिक कार को स्कैनर से जांच सकता है. इससे फॉल्ट कोड मिलता है, जो समस्या पहचानने में मदद करता है. सिर्फ लाइट बंद कराने के लिए बैटरी डिस्कनेक्ट करना या बिना जांच के पार्ट बदलना सही तरीका नहीं है. इससे असली खराबी छिप सकती है और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है.अगर चेक इंजन लाइट बार-बार जलती है, तो कार की जांच टालें नहीं. समय पर खराबी पता चलने से कई बार बड़ी मरम्मत से बच जाता है. सर्विस सेंटर पर जांच के दौरान फॉल्ट कोड और खराब हिस्से की जानकारी मांगें. अगर कार वारंटी में है, तो अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करना उपयोगी रहेगा. याद रखें, चेक इंजन लाइट अपने आप में किसी एक खराबी की पुष्टि नहीं करती, इसलिए सही निदान के बाद ही मरम्मत कराएं.

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